Mirzapur News: गांजे की खेप के साथ अंतरराज्यीय तस्कर पहलवान गिरफ्तार
Mirzapur News: उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (STF) को नशे के सौदागरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। एसटीएफ की प्रयागराज फील्ड इकाई ने मीरजापुर पुलिस के साथ मिलकर एक अंतराज्यीय ड्रग्स तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक शातिर तस्कर अमरजीत यादव उर्फ पहलवान को दबोचा है। पकड़े गए आरोपी के पास से 439 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक टाटा डीसीएम कैंटर (UP 72 AT 5969) को भी जब्त कर लिया है।
एसटीएफ को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि उड़ीसा से उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर गांजे की खेप सप्लाई की जा रही है। पुलिस उपाधीक्षक शैलेश प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण और निरीक्षक जय प्रकाश राय के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम मीरजापुर में सक्रिय थी। तभी सटीक इनपुट मिला कि उड़ीसा के रायगढ़ से गांजे की एक बड़ी खेप सोनभद्र के रास्ते मीरजापुर की तरफ आ रही है।
एसटीएफ ने तुरंत मीरजापुर के मड़िहान क्षेत्राधिकारी (CO) मोहम्मद फहीम कुरैशी को साथ लिया और मड़िहान थाना क्षेत्र के पचोखरा कासोपुर तिराहे पर निर्माणाधीन पेट्रोल पंप के पास घेराबंदी कर दी। संदिग्ध डीसीएम को रोककर जब उसकी तलाशी ली गई, तो ऊपर सजे खाली प्लास्टिक के कैरेट के पीछे बोरियों में भरकर छिपाया गया 439 किलो गांजा बरामद हुआ। मौके से तस्कर अमरजीत यादव उर्फ पहलवान को गिरफ्तार कर लिया गया।
गुरुजी के इशारे पर उड़ीसा से सेट हुआ था पूरा खेल
पकड़े गए आरोपी अमरजीत यादव उर्फ पहलवान (मूल निवासी- गोरखपुर, वर्तमान पता- गुना, मध्य प्रदेश) ने पूछताछ में इस पूरे सिंडिकेट की पोल खोल कर रख दी। पिड़ी गई गाड़ी डीसीएम प्रयागराज के होलागढ़ निवासी अभिषेक शुक्ला उर्फ गुरुजी की है। गुरुजी के कहने पर ही अमरजीत गाड़ी लेकर उड़ीसा के रायगढ़ा गया था। रायगढ़ा में गाजीपुर का रहने वाला रजत सिंह (जो वहां ढाबा चलाता है) और उसका साथी शुभम सिंह मिले। इन दोनों ने ही डीसीएम में प्लास्टिक कैरेट की आड़ में गांजे की बोरियां लोड करवाई थीं।
अमरजीत यह खेप वापस प्रयागराज में गुरुजी को सौंपने आ रहा था। पूछताछ में उसने कुबूल किया कि वे लोग कई सालों से यह धंधा कर रहे हैं और सुरक्षित माल पहुँचाने के एवज में उसे एक लाख रुपये अलग से मिलते थे। एसटीएफ की इस जांबाज टीम में उपनिरीक्षक रणेन्द्र कुमार सिंह, मुख्य आरक्षी अश्वनी कुमार सिंह, पंकज सिंह, सन्तोष कुमार, किशन चन्द्र और चालक अखण्ड प्रताप पाण्डेय शामिल रहे। आरोपी के खिलाफ मड़िहान थाने में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है, और आगे की वैधानिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।

