ईरान की सौ साल पुरानी मेडिकल विरासत जमींदोज, पाश्चर इंस्टीट्यूट पर हमले से भड़का तेहरान

Sandesh Wahak Digital Desk: ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर कुछ दिल दहला देने वाली तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें राजधानी तेहरान स्थित देश के सबसे प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक मेडिकल रिसर्च सेंटर ‘पाश्चर इंस्टीट्यूट ऑफ ईरान’ को पूरी तरह तबाह दिखाया गया है। मंत्रालय का दावा है कि इस हमले में संस्थान की इमारत मलबे में बदल गई है, जो पिछले एक दशक से वैश्विक स्वास्थ्य नेटवर्क का अहम हिस्सा थी।

ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमनपोर ने इस घटना पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से अपील करते हुए लिखा, ईरानी पाश्चर इंस्टीट्यूट, जो एक सदी से वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था का मजबूत स्तंभ रहा है, उस पर हमला करना पूरी दुनिया की सेहत पर हमला करने जैसा है। यह जिनेवा कन्वेंशन के सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और रेड क्रॉस (ICRC) जैसी संस्थाओं से इस हमले की कड़ा निंदा करने और संस्थान के पुनर्निर्माण में मदद करने की मांग की है।

1920 से लिख रहा था चिकित्सा का इतिहास

तबाही की तस्वीरों में दिख रहा यह संस्थान 1920 में स्थापित हुआ था। ईरान के चिकित्सा अनुसंधान, टीकाकरण और दवाओं के विकास में इस संस्थान की भूमिका रीढ़ की हड्डी जैसी रही है। हमले के बाद इसकी ऐतिहासिक इमारत के कुछ हिस्से अब केवल खंडहर नजर आ रहे हैं।

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