भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग, संसद में जगदंबिका पाल ने उठाई आवाज

Siddharthnagar News: उतर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद के डुमरियागंज लोकसभा सांसद जगदंबिका पाल ने नियम 377 के तहत इस महत्वपूर्ण विषय को सदन के समक्ष रखने की अनुमति मांगी है। भोजपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की लंबे समय से लंबित मांग अब संसद में एक बार फिर जोरदार तरीके से उठाई गई है।

सांसद ने अपने प्रस्ताव में कहा कि भोजपुरी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड सहित कई राज्यों में व्यापक रूप से बोली जाती है। इसके अलावा मॉरीशस, फिजी, सूरीनाम, त्रिनिदाद एवं टोबैगो, गुयाना और नेपाल सहित कई देशों में भी भोजपुरी भाषा और संस्कृति का व्यापक प्रभाव है।

उन्होंने कहा कि भोजपुरी का समृद्ध लोक साहित्य, लोकगीत, लोकनाट्य और सिनेमा भारतीय सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करते हैं। इसके बावजूद लंबे समय से मांग उठने के बाद भी भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में संवैधानिक मान्यता नहीं मिल सकी है।

जगदंबिका पाल ने केंद्र सरकार से मांग की है कि भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए आवश्यक संवैधानिक और विधायी प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि इससे करोड़ों भोजपुरी भाषियों की भाषाई एवं सांस्कृतिक आकांक्षाएं पूरी होंगी और देश की भाषाई विविधता भी मजबूत होगी।

रिपोर्ट- जाकिर खान

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