कुशीनगर को प्रदेश में नंबर-1 बनाने का संकल्प, विधान परिषद की समिति ने कसी जनपद के अफसरों की नकेल
पडरौना (कुशीनगर)। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की ‘वित्तीय एवं प्रशासकीय विलंब समिति’ ने शुक्रवार को विकास भवन सभागार में जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक की अध्यक्षता कर रहे विधान परिषद सदस्य डॉ. रतन पाल सिंह ने स्पष्ट लहजे में कहा कि कुशीनगर को प्रदेश में उत्कृष्ट स्थान दिलाने के लिए अधिकारी अपनी कार्यशैली में संवेदनशीलता लाएं। उन्होंने दो-टूक कहा कि शासन का बजट समय पर और सही जगह खर्च होना चाहिए ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति को लाभ मिले।

लापरवाही पर कड़ा रुख: खनन अधिकारी निशाने पर
समीक्षा बैठक के दौरान बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले खनन अधिकारी के विरुद्ध सभापति ने सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि अनुपस्थित अधिकारी के खिलाफ 7 दिन के भीतर कड़ी कार्रवाई की जाए और 15 दिनों में खनन कार्यों का विस्तृत ब्यौरा समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
प्रमुख विभागों को कड़े निर्देश
डॉ. रतन पाल सिंह ने विभिन्न विभागों की समीक्षा करते हुए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए।
बेसिक शिक्षा विभाग: नए सत्र में छात्र-छात्राओं का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करें। ‘कायाकल्प योजना’ के 19 बिंदुओं पर स्कूलों को संतृप्त करने और ड्रॉप-आउट बच्चों को वापस स्कूल लाने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य विभाग: आयुष्मान भारत योजना के तहत ग्राम स्तर पर कैंप लगाकर कार्ड बनाएं। समिति ने जिलाधिकारी के प्रयासों की सराहना करते हुए स्वास्थ्य विभाग को सम्मानित करने का भी निर्णय लिया।
आपूर्ति विभाग: जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिया गया कि रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करें। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने आश्वस्त किया कि पेट्रोल पंपों की नियमित जांच जारी है।
विद्युत एवं लोक निर्माण: रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और सड़कों के सुदृढ़ीकरण कार्यों को बजट के अनुरूप समय पर पूर्ण करने को कहा गया।
पंचायती राज: नए अंत्येष्टि स्थलों का निर्माण और पंचायत भवनों में आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

राजस्व वृद्धि के लिए ‘डिजिटल’ मंत्र
समिति ने नगर निकायों को सुझाव दिया कि वे अपनी खाली भूमि पर मैरिज हॉल, डिजिटल लाइब्रेरी और मल्टीपरपज हॉल का निर्माण करें। इससे न केवल जनता को सुविधा मिलेगी, बल्कि निकायों के राजस्व में भी भारी वृद्धि होगी।
बैठक में विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक, जयपाल सिंह, एसपी केशव कुमार, सीडीओ वंदिता श्रीवास्तव और एडीएम वैभव मिश्रा सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने समिति को आश्वस्त किया कि दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा।
रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल

