मोबाइल नंबर की तरह अब FASTag भी होगा Port, सरकार ने शुरू की नई OneTag सुविधा

FASTag Portability: FASTag इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों के लिए बड़ी सुविधा शुरू की गई है। अब मोबाइल नंबर की तरह FASTag को भी पोर्ट किया जा सकेगा। यानी अगर यूजर अपने मौजूदा FASTag बैंक या सर्विस प्रोवाइडर से संतुष्ट नहीं है, तो वह बिना विंडशील्ड पर लगा टैग बदले दूसरे बैंक को चुन सकेगा।

सरकार की नई OneTag सुविधा के तहत मौजूदा FASTag को ही बरकरार रखते हुए उसका जारीकर्ता बैंक बदला जा सकेगा। इसके लिए पुराने FASTag को वाहन से हटाकर नया टैग खरीदने की जरूरत नहीं होगी।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में भारत के Intelligent Highway विजन पर बात करते हुए FASTag, Annual Pass, Barrier-Free Tolling और AI आधारित तकनीकों का जिक्र किया।

मोबाइल नंबर पोर्टिंग जैसा होगा FASTag पोर्ट

OneTag की सबसे बड़ी खासियत यही है कि वाहन मालिक अपना मौजूदा FASTag इस्तेमाल करते हुए बैंक बदल सकेंगे। यानी प्रक्रिया कुछ हद तक Mobile Number Portability (MNP) जैसी होगी, जिसमें नंबर वही रहता है लेकिन सर्विस प्रोवाइडर बदल जाता है।

गडकरी के मुताबिक, देश में नेशनल हाईवे यूजर-फीस कलेक्शन का 98 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा अब FASTag के जरिए डिजिटल तरीके से हो रहा है और करीब 13 करोड़ FASTag जारी किए जा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य टोल प्लाजा पर वाहनों को रोकने के बजाय फ्री-फ्लो टोलिंग की दिशा में आगे बढ़ना है।

RajmargYatra ऐप से होगा पोर्ट

FASTag पोर्ट करने की सुविधा NHAI के RajmargYatra मोबाइल ऐप पर उपलब्ध कराई गई है। वाहन मालिक ऐप के जरिए अपनी पसंद का FASTag बैंक चुन सकते हैं और मौजूदा टैग को बिना बदले नई बैंक सेवा से जोड़ सकते हैं।

इससे पहले बैंक बदलने के लिए नया FASTag लेना पड़ता था और पुराने टैग को वाहन से हटाना होता था। OneTag इस प्रक्रिया को आसान बनाने का काम करेगा।

NHAI ने हाल ही में Digital FASTag Local Pass की सुविधा भी बढ़ाकर देश के 121 टोल प्लाजा तक कर दी है। पात्र स्थानीय वाहन मालिक RajmargYatra App से ऑनलाइन मासिक पास के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे टोल प्लाजा पर जाकर दस्तावेज जमा करने की जरूरत कम होगी।

क्या एक FASTag से कई गाड़ियां चला सकते हैं?

नहीं। एक FASTag केवल एक वाहन के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। FASTag का VRN (Vehicle Registration Number) एक ही वाहन से लिंक रहता है और NETC सिस्टम में उसी वाहन के साथ मैप होता है। इसलिए परिवार में अगर कई गाड़ियां हैं, तो प्रत्येक वाहन के लिए अलग FASTag जरूरी होगा।

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