लोकबंधु नवजात मौत मामला: दो संविदा नर्सों पर कार्रवाई, ऑनकॉल डॉक्टर को सिर्फ नोटिस, जांच पर उठे सवाल

Lucknow News: लखनऊ के लोकबंधु राजनारायण अस्पताल में नवजात के जन्म के तुरंत बाद फर्श पर गिरने से हुई मौत के मामले में जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। अस्पताल प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए दो संविदा स्टाफ नर्सों को दोषी मानते हुए उन्हें हटाने की सिफारिश की है, जबकि ऑनकॉल ड्यूटी पर तैनात वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ को केवल नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इस कार्रवाई के बाद जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं।

6 जुलाई की सुबह हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद परिजनों ने आरोप लगाया था कि प्रसव के समय लेबर रूम में जिम्मेदार मेडिकल स्टाफ मौजूद नहीं था। बताया गया कि नवजात जन्म लेते ही फर्श पर गिर गया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई और बाद में उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सिर में चोट लगने की पुष्टि हुई है।

नियमित स्टाफ की जिम्मेदारी तय क्यों नहीं हुई?

अस्पताल में छह स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, सात इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर और करीब 20 नर्सिंग व ओटी स्टाफ होने के बावजूद घटना के समय नियमित स्टाफ की मौजूदगी और उनकी भूमिका को लेकर जांच रिपोर्ट में स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने ऑनकॉल डॉक्टर को फोन किया था, लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंचीं। इसके बावजूद उनके खिलाफ सिर्फ नोटिस जारी किया गया, जबकि किसी नियमित नर्स या अन्य जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई।

इसी वजह से जांच समिति की रिपोर्ट पर सवाल उठ रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि पूरे मामले की जिम्मेदारी केवल संविदा कर्मचारियों पर डालकर बाकी जिम्मेदारों को बचाने की कोशिश की गई है।

24 घंटे में जांच पूरी, डीजी को सौंपी गई रिपोर्ट

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर 24 घंटे के भीतर जांच पूरी कर स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरुण को रिपोर्ट सौंप दी गई। रिपोर्ट के आधार पर दो संविदा स्टाफ नर्सों को नौकरी से हटाने का फैसला लिया गया है। वहीं, ऑनकॉल ड्यूटी पर तैनात डॉ. चंद्रकांता को तीन बिंदुओं पर कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है, जिसमें घटना के समय उनकी मौजूदगी को लेकर भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है।

गौरतलब है कि आशियाना की रहने वाली कीर्ति पाल को प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके पति शुभम के अनुसार, प्रसव के दौरान लापरवाही के कारण नवजात फर्श पर गिर गया और गंभीर चोट लगने से उसकी जान चली गई। अब जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद कार्रवाई के दायरे और जिम्मेदारी तय करने के तरीके पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

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