Lucknow News: ‘वंदे मातरम्’ को मिलेगा राष्ट्रगौरव का कानूनी सम्मान, राम नाईक ने मोदी सरकार के फैसले का किया स्वागत
Sandesh Wahak Digital Desk: देशभक्ति और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े एक अहम फैसले पर केंद्र सरकार के कदम का उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल एवं वरिष्ठ भाजपा नेता राम नाईक ने जोरदार स्वागत किया है।
उन्होंने ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगान की तर्ज पर कानूनी संरक्षण देने के निर्णय को राष्ट्रगौरव को सशक्त करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया और इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971’ में संशोधन करते हुए ‘वंदे मातरम्’ को भी राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान कानूनी संरक्षण प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
इस निर्णय को स्वतंत्रता आंदोलन की भावनाओं, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक अस्मिता के सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है।
राम नाईक ने कहा कि संविधान निर्माण के समय ‘वंदे मातरम्’ और ‘जन गण मन’—दोनों को समान आदर देने की भावना स्पष्ट थी, लेकिन अब तक ‘वंदे मातरम्’ को वैधानिक संरक्षण प्राप्त नहीं था।

उन्होंने कहा कि इसी कारण कुछ असामाजिक तत्व इसके अपमान का प्रयास करते रहे। “अब केंद्र सरकार द्वारा इसे राष्ट्रगान के समान कानूनी सुरक्षा देना राष्ट्र की भावनाओं का सम्मान है। ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता चेतना, बलिदान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है,” उन्होंने कहा।
वरिष्ठ नेता ने यह भी याद दिलाया कि संसद में ‘वंदे मातरम्’ और ‘राष्ट्रगान’ के गायन की परंपरा शुरू कराने में उनकी भूमिका रही है।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि जब यह संशोधन संसद में पारित होने के लिए आए, तो दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सर्वसम्मति से इसका समर्थन किया जाए।
उनके अनुसार, यह अवसर सांसदों के लिए राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय सम्मान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाने का है।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस फैसले को राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है।

