फुटबॉल जगत को बड़ा झटका, वर्ल्ड कप विजेता फ्रेंको बारेसी का निधन, एसी मिलान ने दी श्रद्धांजलि
Sports News: फुटबॉल जगत के महान डिफेंडरों में शुमार इटली के पूर्व कप्तान और एसी मिलान के दिग्गज फ्रेंको बारेसी का शुक्रवार (31 जुलाई) को 66 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
उनके क्लब एसी मिलान ने आधिकारिक बयान जारी कर इस दुखद खबर की पुष्टि की। बारेसी पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे।
क्लब ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि फ्रेंको बारेसी केवल एक महान खिलाड़ी नहीं, बल्कि एसी मिलान की पहचान, संस्कृति और विरासत का अहम हिस्सा थे।
क्लब ने अपने बयान में कहा कि उनका नेतृत्व, ईमानदारी और समर्पण हमेशा क्लब के इतिहास में अमर रहेगा।
19 साल तक सिर्फ एसी मिलान के लिए खेले
फ्रेंको बारेसी ने 1974 में एसी मिलान की युवा अकादमी से अपने करियर की शुरुआत की और 1978 में सीनियर टीम में पदार्पण किया।
इसके बाद उन्होंने करीब 19 वर्षों तक केवल एसी मिलान की जर्सी पहनी। महज 22 साल की उम्र में उन्हें टीम का कप्तान बनाया गया।

उन्होंने क्लब के लिए 719 मुकाबले खेले और लंबे समय तक यह रिकॉर्ड उनके नाम रहा। बाद में केवल पाओलो माल्डिनी ही इस आंकड़े को पार कर सके।
उनके सम्मान में एसी मिलान ने उनकी प्रतिष्ठित नंबर-6 जर्सी को हमेशा के लिए रिटायर कर दिया।
विश्व फुटबॉल के महान डिफेंडरों में थी गिनती
बेहतरीन पोजिशनिंग, खेल को पढ़ने की अद्भुत क्षमता और शांत नेतृत्व शैली ने फ्रेंको बारेसी को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ डिफेंडरों में शामिल किया।
पाओलो माल्डिनी, माउरो टैसोटी और एलेसांद्रो कोस्टाकुर्ता के साथ उनकी डिफेंस लाइन को फुटबॉल इतिहास की सबसे मजबूत रक्षापंक्तियों में गिना जाता है।
ऐसा रहा शानदार करियर
फ्रेंको बारेसी ने अपने करियर में 6 Serie A खिताब और 3 यूरोपीय कप जीते। वह 1982 फीफा विश्व कप जीतने वाली इटली की टीम का हिस्सा रहे।
उन्होंने इटली के लिए 81 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और 1994 विश्व कप में कप्तान के रूप में टीम को फाइनल तक पहुंचाया।
हालांकि, ब्राजील के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में हार के कारण उनका दूसरा विश्व कप जीतने का सपना अधूरा रह गया।
स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे
अगस्त 2025 में फेफड़े में गांठ (लंग नोड्यूल) मिलने के बाद उनकी सर्जरी हुई थी। इसके बावजूद वे सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे और एसी मिलान से जुड़े कार्यक्रमों में लगातार हिस्सा लेते रहे।
उनके निधन से इटली ही नहीं, बल्कि पूरी फुटबॉल दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई।

