सरकार और सीजेपी के बीच आज कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बैठक, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा प्रतिनिधिमंडल
Sandesh Wahak Digital Desk: एनईईटी (NEET) परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर डटी कॉकरोच जनता पार्टी और केंद्र सरकार के बीच शुक्रवार को वार्ता होने जा रही है। किसी भी सरकारी दफ्तर के बजाय एक तटस्थ स्थान पर चर्चा आयोजित करने की सीजेपी की शर्त को केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है। अब यह अहम बैठक राजधानी के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित की जाएगी। सीजेपी नेता सौरभ दास ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि वे इस बात से संतुष्ट हैं कि प्रशासन निष्पक्ष माहौल में संवाद के लिए तैयार हुआ है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ी पार्टी
आंदोलनकारी दल का स्पष्ट रुख है कि इस पूरे विवाद की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। सीजेपी प्रतिनिधियों का कहना है कि सिर्फ कानून बदलना ही इस समस्या का एकमात्र समाधान नहीं है; जब तक जवाबदेही तय करते हुए शिक्षा मंत्री को हटाया नहीं जाता, तब तक उनका सबसे कड़ा कदम अधूरा रहेगा। इसके अलावा पार्टी देश भर के परीक्षा ढांचे में बुनियादी सुधारों की वकालत कर रही है।
पीएम मोदी ने दिए सख्त कानून बनाने के संकेत
यह वार्ता ऐसे मोड़ पर हो रही है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के ज़रिए देश के युवाओं और अभिभावकों को आश्वस्त किया है कि सरकार पेपर लीक रोकने के लिए बेहद सख्त प्रावधानों वाला कानून ला रही है। कैबिनेट बैठक में इस प्रस्तावित विधेयक पर मुहर लगने के बाद इसे संसद के जारी सत्र में पेश किया जा सकता है।
हालाँकि, सख्त कानून के इस ऐलान के बावजूद सीजेपी शुक्रवार को होने वाली बैठक में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली के ओवरहालिंग के एजेंडे को पूरी मजबूती से उठाने की तैयारी में है।
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