Siddharthnagar News: DM के औचक निरीक्षण में दफ्तरों से गायब मिले अधिकारी व कर्मचारी, एक दिन का वेतन रोका
Siddharthnagar News: सरकारी दफ्तरों में समयबद्धता, अनुशासन और कार्य संस्कृति को सुधारने के लिए सिद्धार्थनगर के जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने बुधवार को एक बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी ने पूर्वाह्न 10:25 बजे विकास भवन स्थित विभिन्न विभागीय कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। डीएम के अचानक पहुंचने से विकास भवन परिसर में हड़कंप मच गया, क्योंकि कई विभागों के बड़े-बड़े अधिकारी और कर्मचारी अपनी सीटों से नदारद पाए गए। जिलाधिकारी ने इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए सभी अनुपस्थित कर्मियों का एक दिन का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने का आदेश जारी कर दिया है।
बड़े-बड़े अधिकारी भी मिले नदारद
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि उपायुक्त श्रम रोजगार संतोष कुमार चौधरी और मनरेगा के अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी बीती 1 से 3 जून तक लगातार बिना किसी सूचना के अनुपस्थित चल रहे थे। इसके अलावा जिला ग्रामोद्योग, डूडा, जिला विकास कार्यालय, लघु सिंचाई, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, पंचायत राज, अल्पसंख्यक कल्याण और दिव्यांगजन सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विभागों के कर्मचारी और अफसर भी अपनी ड्यूटी से गायब मिले।
निरीक्षण के दौरान कार्यालयों से नदारद पाए गए मुख्य अधिकारी
जिला सूचना विज्ञान अधिकारी
जिला विकास अधिकारी
परियोजना अधिकारी
अधिशासी अभियंता (ग्रामीण अभियंत्रण विभाग)
परियोजना अधिकारी (डूडा)
सहायक अभियंता (लघु सिंचाई)
परियोजना अधिकारी (नेडा)
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी
जिला पंचायत राज अधिकारी
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
सहायक निदेशक (मत्स्य एवं बचत)
सहायक आयुक्त एवं जिला सहायक निबंधक सहकारिता

पूरा दफ्तर ही मिला खाली, 2 दिन का मिला अल्टीमेटम
जिलाधिकारी जब पंचास्थानी नगरीय निकाय कार्यालय के निरीक्षण के लिए पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए। दफ्तर के भीतर एक भी कर्मचारी उपस्थित नहीं था। इस घोर लापरवाही पर जिलाधिकारी ने तीव्र नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए सभी अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों का 3 जून, 2026 का वेतन बाधित कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने सभी दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए निर्देश दिया है कि वे अगले दो दिनों के भीतर कार्यालय से गायब रहने का स्पष्ट और ठोस कारण (स्पष्टीकरण) लिखित में प्रस्तुत करें। यदि तय समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो नियमानुसार आगे की कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
रिपोर्ट- जाकिर खान
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