पीएम मोदी ने डिब्रूगढ़ के बागानों में महिलाओं संग चुनीं चाय की पत्तियां, साझा किया यादगार अनुभव
Sandesh Wahak Digital Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने असम दौरे की शुरुआत बेहद खास अंदाज में की। डिब्रूगढ़ के हरे-भरे चाय बागानों के बीच पहुंचकर पीएम ने न केवल वहां की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया, बल्कि उन हाथों का सम्मान भी किया जो असम की पहचान को दुनिया भर में महकाते हैं।
सुबह-सुबह जब बागानों में महिलाएं टोकरी टांगे चाय की पत्तियां चुन रही थीं, तब प्रधानमंत्री उनके बीच जा पहुंचे। पीएम मोदी ने पारंपरिक अंदाज में खुद भी चाय की पत्तियां चुनीं और वहां काम कर रही महिलाओं से उनके कामकाज और जीवन के बारे में विस्तार से बातचीत की।
प्रधानमंत्री ने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर साझा करते हुए भावुक कैप्शन लिखा, चाय असम की आत्मा है! यहाँ की चाय ने पूरी दुनिया में अपनी खास जगह बनाई है। हमें चाय बागान के हर एक परिवार के प्रयासों पर बहुत गर्व है। उनकी कड़ी मेहनत और लगन ने असम का गौरव बढ़ाया है।
চাহ হ’ল অসমৰ প্ৰাণ! ইয়াৰ চাহে সমগ্ৰ বিশ্বতে বিশেষ খ্যাতি লাভ কৰিছে।
আজি পুৱা ডিব্ৰুগড়ৰ এখন চাহ বাগিচাত মই তাত কৰ্মৰত মহিলাসকলৰ সৈতে মত-বিনিময় কৰিলোঁ। এয়া সঁচাকৈয়ে এক অতি স্মৰণীয় অভিজ্ঞতা আছিল। pic.twitter.com/BiKHdkqgqz
— Narendra Modi (@narendramodi) April 1, 2026
सेल्फी और संस्कृति का संगम
प्रधानमंत्री के अपने बीच होने से बागान की महिलाएं बेहद उत्साहित दिखीं। उन्होंने पीएम को चाय तोड़ने की बारीकियों के साथ-साथ अपनी स्थानीय संस्कृति और परंपराओं के बारे में भी बताया। इस दौरान महिलाओं ने प्रधानमंत्री के साथ जमकर तस्वीरें और सेल्फियां भी लीं। पीएम मोदी ने इसे एक बेहद यादगार अनुभव करार दिया।
असम के समर्पण को दुनिया तक पहुंचाया
डिब्रूगढ़ के ये चाय बागान असम की अर्थव्यवस्था और पहचान की रीढ़ हैं। पीएम मोदी ने कहा कि यहाँ की महिलाएं सुबह से शाम तक जो पसीना बहाती हैं, वह सिर्फ चाय उत्पादन तक सीमित नहीं है। यह उनकी मेहनत ही है जो असम की परंपरा और समर्पण की खुशबू को सात समंदर पार तक ले जाती है। उन्होंने चाय बागान से जुड़े हर परिवार की सराहना करते हुए उन्हें राज्य की प्रगति का असली नायक बताया।
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