Banda News: मानव तस्करी का पर्दाफाश, बेची गई महिला का पुलिस ने किया रेस्क्यू, 4 आरोपी गिरफ्तार
Banda News: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) की घटना सामने आई है। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ से धोखे से लाई गई एक महिला को सकुशल मुक्त कराया है। इस मामले में पुलिस ने सौदा करने वाले मुख्य आरोपी, महिला को खरीदने वाले दो व्यक्तियों और बिचौलिए समेत कुल चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
डायल-112 की सूचना पर पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन
क्षेत्राधिकारी सदर सौरभ सिंह के अनुसार, 19 अगस्त को डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली थी कि बदौसा थाना क्षेत्र के हड़हामाफी गांव में एक महिला को खरीद-फरोख्त कर बंधक बनाकर रखा गया है। सूचना मिलते ही एएचटीयू टीम ने दबिश देकर महिला को सुरक्षित रेस्क्यू किया। नियमानुसार पीड़िता का मेडिकल परीक्षण और बयान दर्ज कराने के बाद उसे वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया है।
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी विनय ने खुलासा किया कि पीड़िता से उसकी मुलाकात छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित एक लोहे की फैक्ट्री में काम करने के दौरान हुई थी। वह महिला को झांसे में लेकर बांदा ले आया और रामभवन नामक व्यक्ति को 20,000 रुपये में बेच दिया। जब तय रकम पूरी नहीं मिली तो महिला को दूसरे खरीददार गरीबदास को सौंप दिया गया। इस पूरी डील में उदित उर्फ लक्कू ने बिचौलिए की भूमिका निभाई थी।
मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने 20 अगस्त को बड़ोखर खुर्द बाईपास चौराहे के पास से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मुख्य आरोपी विनय पुत्र नत्थू, पहला खरीदार रामभवन पुत्र सुभाष, दूसरा खरीददार गरीबदास पुत्र रामआसरे और मुख्य बिचौलिया उदित उर्फ लक्कू पुत्र उदयभान के रूप में हुई है। सभी आरोपी ग्राम हड़हामाफी, थाना बदौसा, जनपद बांदा के निवासी हैं।
पुलिस ने थाना एएचटीयू में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 143(2) के तहत मामला दर्ज कर चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। एएचटीयू प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार, उप निरीक्षक अनिल कुमार उपाध्याय और कॉन्स्टेबल प्रशांत यादव की टीम इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित संपर्कों की गहनता से जांच कर रही है।
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