मिडिल ईस्ट संकट का असर! निजी कंपनियों ने बदली रेट लिस्ट, पेट्रोल-डीजल हुआ इतना महंगा
Sandesh Wahak Digital Desk: मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर अब आम आदमी की जेब पर पड़ना शुरू हो गया है। आगरा में निजी क्षेत्र की बड़ी ईंधन रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। इसके साथ ही तेल कंपनियों ने सप्लाई में भी कटौती शुरू कर दी है, जिससे विशेषकर ग्रामीण इलाकों (देहात) में तेल का संकट गहराने लगा है।
नायरा एनर्जी के नए रेट: ₹5 की भारी उछाल
आगरा स्थित नायरा एनर्जी के पंपों पर नई दरें लागू कर दी गई हैं। कंपनी ने पेट्रोल पर 5 रुपये और डीजल पर 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है।
पेट्रोल: पहले ₹94.62 था, जो अब बढ़कर ₹99.62 प्रति लीटर हो गया है।
डीजल: पहले ₹87.41 था, जो अब बढ़कर ₹90.41 प्रति लीटर हो गया है।
राहत की बात यह है कि फिलहाल इंडियन ऑयल (IOCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) जैसी सरकारी कंपनियों ने सादा पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए हैं, लेकिन निजी कंपनियों के इस कदम के बाद बाजार में बढ़त की आशंका गहरा गई है।
सप्लाई में कटौती: रिजर्व स्टॉक पर पाबंदी
तेल कंपनियों ने पेट्रोल पंपों को होने वाली सप्लाई के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब पंपों को उनकी रोजाना की औसत बिक्री के आधार पर ही तेल दिया जा रहा है, जबकि पहले उनकी मांग और रिजर्व क्षमता के अनुसार सप्लाई होती थी। ग्रामीण क्षेत्रों के पंपों पर सप्लाई काफी कम कर दी गई है। पंप मालिकों के अनुसार, डर की वजह से लोग अपनी जरूरत से ज्यादा तेल खरीद रहे हैं, जिससे ‘पैनिक बाइंग’ की स्थिति बन रही है। पंपों की बफर क्षमता (Reserve Capacity) को कंपनियों ने सीमित कर दिया है, जिससे अचानक मांग बढ़ने पर ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड लटकने का खतरा बढ़ गया है।
अफवाहों और डर का माहौल
पंप मालिकों का कहना है कि वर्तमान में तेल की शारीरिक कमी नहीं है, लेकिन पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी स्थितियों की खबरों ने लोगों को डरा दिया है। लोग टैंक फुल कराने की होड़ में लगे हैं, जिससे शहरी और देहात दोनों क्षेत्रों में व्यवस्था चरमरा रही है।
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