UPI से अब तुरंत नहीं होगा भुगतान, RBI ने बढ़ते डिजिटल फ्रॉड के बीच उठाया कदम

Sandesh Wahak Digital Desk: अगर आप अक्सर 10 हजार रुपये से ज्यादा का UPI या IMPS ट्रांसफर करते हैं, तो यह खबर आपके काम की है। RBI ने बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए एक नया प्रस्ताव रखा है। नए नियम के तहत 10,000 रुपये या इससे ज्यादा की ट्रांजेक्शन पर एक घंटे का कूलिंग ऑफ पीरियड लगेगा। यानी पैसा तुरंत नहीं पहुंचेगा।

देश में ऑनलाइन फ्रॉड का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, साल 2026 में ऑनलाइन फ्रॉड की राशि 22,000 करोड़ रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है। ज्यादातर फ्रॉड सिस्टम की गलती से नहीं, बल्कि सोशल इंजीनियरिंग के कारण हो रहे हैं। ठग फोन पर मीठी-मीठी बातें करके या डरा-धमकाकर लोगों से पैसे ट्रांसफर करा लेते हैं।

कैसे काम करेगा नया नियम

10,000 रुपये से ज्यादा के किसी भी UPI/IMPS ट्रांजेक्शन पर एक घंटा इंतजार करना होगा।

इस एक घंटे में भेजने वाला व्यक्ति यह चेक कर सकता है कि पैसा सही व्यक्ति के पास जा रहा है या नहीं।

अगर किसी तरह का शक होता है तो ट्रांजेक्शन कैंसिल किया जा सकता है।

98.5% फ्रॉड वैल्यू बड़े ट्रांजेक्शन में

RBI के मुताबिक, 10,000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजेक्शन से जुड़े फ्रॉड महज 45% मामलों में होते हैं। लेकिन इनकी कुल राशि फ्रॉड वैल्यू का 98.5% होती है। यानी बड़ी रकम का फ्रॉड ही सबसे बड़ा नुकसान पहुंचा रहा है।

किन लोगों को मिलेगी छूट

RBI ने सबके लिए सख्ती नहीं की है। कुछ लोगों के लिए राहत भी दी गई है।

स्थिति नियम लागू?
व्हाइटलिस्ट किए गए लोगों को पैसा भेजना नहीं (तुरंत ट्रांसफर)
दुकानदारों (मर्चेंट पेमेंट) को पैसा भेजना नहीं
ई-मैंडेट, चेक और NACH ट्रांजेक्शन नहीं

अच्छी बात: आप अपने विश्वसनीय संपर्कों को व्हाइटलिस्ट कर सकते हैं। उन्हें पैसे भेजने में किसी प्रकार की देरी नहीं होगी।

बुजुर्गों के लिए खास सुविधा: 70 साल से ऊपर के बुजुर्गों के लिए 50,000 रुपये से ज्यादा ट्रांसफर करने पर किसी विश्वसनीय व्यक्ति की अनुमति जरूरी होगी।

बड़े अकाउंट पर भी नजर: अगर किसी व्यक्ति या छोटे कारोबारी के अकाउंट में 25 लाख रुपये से ज्यादा जमा हो जाए, तो बैंक पैसा क्रेडिट करने से पहले कन्फर्मेशन लेगा।

किल स्विच बटन भी आएगा: RBI एक ‘किल स्विच’ बटन लाने की भी योजना बना रहा है। इससे ग्राहक अपने सभी डिजिटल पेमेंट चैनल को तुरंत बंद कर सकेंगे- अगर उन्हें किसी तरह का संदेह हो।

क्या होता है कूलिंग ऑफ पीरियड

कूलिंग ऑफ पीरियड एक सुरक्षा उपाय है, जिसमें बड़ी रकम का ट्रांजेक्शन तुरंत पूरा नहीं होता।

ट्रांजेक्शन को एक घंटे के लिए रोक दिया जाता है

इस एक घंटे में व्यक्ति सोच-समझ सकता है

अगर फ्रॉड का शक हो तो ट्रांजेक्शन कैंसिल किया जा सकता है

ध्यान रहे: पैसा भेजने वाले के अकाउंट से रकम तो कट जाएगी, लेकिन रिसीवर को वह एक घंटे बाद ही मिलेगी।

कब से लागू होगा नियम

RBI ने इस प्रस्ताव को लेकर 8 मई 2026 तक सुझाव मांगे हैं। इसके बाद गाइडलाइंस जारी की जाएंगी। साफ है कि सरकार लोगों को बिना सोचे-समझे बड़े अमाउंट ट्रांसफर करने से रोकना चाहती है, ताकि ऑनलाइन फ्रॉड पर लगाम लग सके। अब देखना यह होगा कि लोग इस नियम का स्वागत करते हैं या फिर इसे झंझट की तरह देखते हैं।

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