Re-NEET 2026 संपन्न, 22 लाख छात्रों ने दी परीक्षा, एंट्री से लेकर हिजाब-कलावा तक विवाद

Re-NEET 2026 Exam: देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा Re-NEET UG 2026 शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हो गई। दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित इस परीक्षा में 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए थे, जिनकी निगरानी उच्च स्तर पर की गई।

देश और विदेश में बनाए गए 5 हजार से अधिक परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सघन जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी परीक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए हुए थे। हालांकि सख्त सुरक्षा के बावजूद कई केंद्रों से छात्रों की परेशानी और कुछ विवादों की खबरें भी सामने आईं।

इस बार परीक्षा को लेकर प्रशासन पहले से ज्यादा सतर्क नजर आया। पिछले विवादों को देखते हुए निगरानी, पहचान सत्यापन और इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा के कई स्तर लागू किए गए थे, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे।

सुरक्षा के लिए किए गए थे बड़े इंतजाम

NTA के अनुसार, परीक्षा के लिए भारत के 551 शहरों में 5,440 केंद्र बनाए गए थे, जबकि विदेशों में भी 14 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा अंग्रेजी समेत 12 भाषाओं में कराई गई।

22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए 95 हजार से ज्यादा कमरों की व्यवस्था की गई थी। निगरानी के लिए करीब 1.38 लाख CCTV कैमरे लगाए गए, जबकि इलेक्ट्रॉनिक नकल रोकने के लिए 51,311 जैमर तैनात किए गए। इसके अलावा हजारों फ्रिस्किंग और बायोमेट्रिक सत्यापन कर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई थी।

देर से पहुंचे छात्रों को नहीं मिली एंट्री

परीक्षा के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा एंट्री नियमों को लेकर रही। NTA के नियमों के अनुसार दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाना था।

कई केंद्रों पर कुछ छात्र मामूली देरी के कारण परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। एक छात्रा के परिवार ने आरोप लगाया कि निर्धारित समय से पहले ही केंद्र का गेट बंद कर दिया गया था। वहीं भोपाल में सड़क दुर्घटना के कारण देर से पहुंचे दो छात्रों को भी परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिला, जिसके बाद उनके परिजनों ने नाराजगी जताई।

हिजाब और कलावा को लेकर भी उठा विवाद

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अहमदाबाद के एक परीक्षा केंद्र पर ड्रेस कोड और सुरक्षा जांच को लेकर भी विवाद सामने आया। कुछ अभ्यर्थियों और उनके परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रवेश से पहले धार्मिक प्रतीकों और पहनावे को लेकर आपत्ति जताई गई।

इस घटना के बाद परीक्षा केंद्र पर बहस की स्थिति बन गई। हालांकि अधिकारियों की ओर से सुरक्षा नियमों के पालन की बात कही गई। परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने के आश्वासन दिए गए थे, इसलिए इस मामले ने भी काफी चर्चा बटोरी।

अब परीक्षा संपन्न होने के बाद छात्रों की नजरें उत्तर कुंजी (Answer Key) और परिणाम पर टिकी हैं। वहीं NTA की ओर से परीक्षा प्रक्रिया की समीक्षा भी की जाएगी, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की शिकायत या विवाद की गुंजाइश कम हो सके।

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