लखनऊ में बाढ़ का बढ़ता खतरा! गोमती और सई नदी उफान पर, सैकड़ों बीघे फसलें डूबीं
Lucknow Flood Alert: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लगातार बारिश (Heavy Rainfall) के बीच बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। गोमती नदी (Gomti River) के साथ सई और बेहता नदी का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। खेतों में पानी भरने के साथ ग्रामीण रास्ते और पुलिया भी डूब गई हैं।
रहीमाबाद के झाऊ बेरिया गांव में बेहता नदी का पानी पुलिया के ऊपर से बह रहा है। यह गांव से रहीमाबाद और शहर की ओर जाने का प्रमुख रास्ता है। पुलिया डूबने के कारण परिजनों ने बच्चों को स्कूल भेजना तक बंद कर दिया है। ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर आने-जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
सई नदी का पानी खेतों तक पहुंचा
निगोहां इलाके में सई नदी (Sai River) का जलस्तर बढ़ने से जवाहरखेड़ा समेत करीब दर्जनभर गांवों में बाढ़ जैसे हालात हैं। नदी का पानी तालाबों के रास्ते खेतों और खलिहानों तक पहुंच गया है। इससे धान, उड़द और तिल्ली की कई बीघे फसल जलमग्न हो गई है।
ग्रामीणों के मुताबिक जवाहरखेड़ा के पास बंधा भी पानी में डूब गया है। किसानों को डर है कि अगर जलस्तर जल्द नहीं घटा तो फसलें पूरी तरह बर्बाद हो सकती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से बंधे की मरम्मत, प्रभावित इलाकों का निरीक्षण और फसल नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की है।
बंथरा में 12 फीट पहुंचा सई का जलस्तर
Lucknow के बंथरा क्षेत्र में सई नदी का जलस्तर करीब 12 फीट तक पहुंच गया है। नदी का पानी लटऊवा, दाराब नगर बरकोता, तेरवा, गोड़वा, कल्लन खेड़ा, बेंती और बनी समेत कई गांवों की ओर बढ़ रहा है। सैकड़ों किसानों की धान, उड़द और तिल्ली की फसलें पानी में डूब गई हैं।
बनी गांव के पास स्थित प्रसाद अस्पताल की इमारत तक भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलस्तर में 4-5 फीट की और बढ़ोतरी हुई तो कई रिहायशी गांवों में पानी घुस सकता है। ग्रामीणों ने वर्ष 1962 की बाढ़ का भी हवाला दिया है, जब सई नदी का जलस्तर करीब 15 फीट तक पहुंच गया था।
गोमती बैराज के दो गेट पूरी तरह खोले
Lucknow गोमती नदी का जलस्तर नियंत्रित करने के लिए सिंचाई विभाग ने गोमती बैराज के दो गेट पूरी तरह खोल दिए हैं, जबकि तीन अन्य गेट करीब दो फीट तक खोले गए हैं। गुरुवार को गऊघाट पर गोमती का जलस्तर 349.5 फीट दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब ढाई फीट अधिक है।
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। मलिहाबाद में जलस्तर बढ़ने पर राजस्व टीम को मौके पर भेजा गया है और जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों के लिए नाव समेत अन्य राहत इंतजाम करने की बात कही गई है।
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