रोटोमैक घोटाले में कारोबारी राजेश बोथरा को हाई कोर्ट से मिली जमानत
Lucknow News: इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने करोड़ों रुपये के चर्चित रोटोमैक घोटाले के आरोपी कारोबारी राजेश बोथरा को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने बोथरा की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए उन्हें रिहा करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान पाया कि इस केस की कानूनी प्रक्रिया लंबी खिंच सकती है, ऐसे में आरोपी को और अधिक समय तक हिरासत में रखना उचित नहीं है।
यह मामला सीबीआई (CBI) द्वारा दर्ज किया गया था। आरोप है कि रोटोमैक एक्सिम प्राइवेट लिमिटेड और उसके प्रमोटरों ने फर्जी दस्तावेजों, गलत बिल ऑफ लैडिंग और कागजी लेन-देन के जरिए बैंकों से करोड़ों रुपये की क्रेडिट सुविधाएं लीं और बाद में उनका भुगतान नहीं किया। इस मामले में साल 2020 में एफआईआर दर्ज की गई थी।
राजेश बोथरा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव मेहरोत्रा ने दलील दी कि उन्हें इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि बोथरा ने जांच में पूरा सहयोग किया है और कोविड महामारी के कठिन समय में भी एजेंसियों के साथ संपर्क में रहे। यह भी बताया गया कि वह संबंधित अन्य मामलों में पहले से ही जमानत पर हैं और उन्होंने कभी किसी शर्त का उल्लंघन नहीं किया।
वहीं, सीबीआई के वकील अनुराग कुमार सिंह ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि बोथरा की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और उन्होंने अपनी कंपनियों के जरिए फर्जी ट्रांजेक्शन कर बैंकों को गुमराह किया है।
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