फैमिली चोर गैंग का खुलासा, सरोजनीनगर पुलिस ने एक ही परिवार के 4 शातिर चोरों को दबोचा

Lucknow News: राजधानी लखनऊ की सरोजनीनगर थाना पुलिस और दक्षिण जोन की सर्विलांस टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए एक बेहद शातिर अंतर्राज्यीय फैमिली चोर गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो आपस में भाई, भाभी, मामा और भांजे हैं। इस गिरोह के पास से चोरी के सोने-चांदी के आभूषण (अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये), भारी मात्रा में नकदी, एक बुलेट मोटरसाइकिल, एक स्कूटी, एक एलईडी टीवी और एक डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर बरामद किया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनू सिंह (30 वर्ष), प्रदुम्न सिंह (19 वर्ष), शक्तिमान सिंह (25 वर्ष) और विनीता (24 वर्ष) के रूप में हुई है। इनमें से तीन आरोपी मूल रूप से बिहार के कैमूर जिले के रहने वाले हैं, जो लखनऊ के नादरगंज और अमौसी इलाके में ठिकाना बदलकर रह रहे थे। पुलिस टीम ने इन सभी को मंगलवार (19 मई 2026) को नादरगंज के मेहराब ग्राउंड के पास से घेराबंदी कर दबोचा।

तीन बंद मकानों की चोरियों का खुलासा

पुलिस उपायुक्त (DCP) दक्षिण के निर्देशन में इस गिरोह को पकड़ने के लिए सर्विलांस समेत चार विशेष टीमों का गठन किया गया था। पुलिस टीमों ने सरोजनीनगर क्षेत्र में हुई हालिया चोरियों के बाद करीब 200 से 250 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया, जिसके बाद इन चोरों का सुराग हाथ लगा। इस गिरफ्तारी से पुलिस ने तीन बड़ी चोरियों का पर्दाफाश किया है।

गंगानगर अमौसी: गायत्री सिंह के बंद मकान का ताला तोड़कर लाखों की ज्वेलरी और कैश साफ किया गया था।

बद्रीनगर कॉलोनी: इबरार अहमद के घर की अलमारी से जेवरात चोरी किए गए थे।

हिन्दुखेड़ा अमौसी: रईस अहमद के घर का ताला तोड़कर जेवरात, नकदी और एक बुलेट मोटरसाइकिल (UP 32 PU 9388) चोरी की गई थी।

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महंगे शौक के लिए बदलते थे किराये के कमरे

पूछताछ में इस पारिवारिक गिरोह ने अपनी चौंकाने वाली कार्यप्रणाली (Modus Operandi) का खुलासा किया है। आरोपियों ने बताया कि वे सभी बेहद महंगे शौक पूरे करने के लिए चोरी की राह पर आए थे। गिरोह के सदस्य दिन के समय सरोजनीनगर और आसपास के इलाकों में बंद पड़े मकानों की रेकी करते थे। रात होते ही पुरुष सदस्य अपने चेहरों पर कपड़ा बांधकर ताला तोड़ते और घर के भीतर दाखिल हो जाते थे, जबकि महिला सदस्य निगरानी और माल ठिकाने लगाने में मदद करती थी।

पकड़े जाने के डर से यह गिरोह पुलिस को चकमा देने के लिए हर कुछ महीनों में अपना किराये का कमरा बदल लेता था। शातिराना अंदाज ऐसा था कि जिस भी घर में सीसीटीवी कैमरे लगे होते थे, ये पकड़े जाने के डर से कैमरों का डीवीआर (DVR) भी उखाड़कर अपने साथ ले जाते थे। पुलिस ने इनके पास से चोरी का सारा सामान बरामद कर इन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

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