सिद्धार्थ विश्वविद्यालय: नई शिक्षा नीति शिक्षा व्यवस्था में समग्र परिवर्तन का आधार – प्रो. कविता शाह
सिद्धार्थनगर: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु के गौतम बुद्ध प्रेक्षागृह में शनिवार (11 अप्रैल) को नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के सफल क्रियान्वयन और संस्थागत गुणवत्ता संवर्धन को लेकर एक दिवसीय प्रबंधन विकास कार्यक्रम (MDP) का आयोजन किया गया। आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय “मैनेजमेंट फॉर इंस्टीट्यूशनल ट्रांसफॉर्मेशन: इनसाइट्स फ्रॉम NEP” रहा।

शिक्षा में नवाचार और डिजिटल समन्वय पर जोर
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो० कविता शाह ने अपने संबोधन में कहा कि नई शिक्षा नीति केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव का आधार है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे छात्र-केंद्रित, कौशल आधारित और बहुविषयक शिक्षा पद्धति को अपनाएं। प्रो. शाह ने विशेष रूप से अनुसंधान, नवाचार और डिजिटल शिक्षा के समन्वय को भविष्य की आवश्यकता बताया।
मूल्य आधारित शिक्षा और अनुशासन: प्रो. सौरभ
IQAC निदेशक प्रो० सौरभ ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि नवीन प्रयोगों के बिना शिक्षा में प्रगति संभव नहीं है। उन्होंने राष्ट्र निर्माण के लिए शिक्षण संस्थानों में अनुशासन और मूल्य आधारित शिक्षा पर बल दिया। उन्होंने प्राचार्यों को प्रोत्साहित किया कि वे स्वयं को एक आदर्श के रूप में स्थापित करें ताकि छात्रों तक सकारात्मक पहुंच सुनिश्चित हो सके।

समर्थ ERP और AI ‘कर्मशक्ति’ की चर्चा
तकनीकी सत्रों में आधुनिक तकनीक के प्रयोग पर विस्तृत चर्चा हुई।
डिजिटल प्रवेश: शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो. जितेंद्र कुमार सिंह ने ‘समर्थ ERP’ के माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया और डिजिटल प्रबंधन के महत्व को समझाया।
पाठ्यक्रम ढांचा: डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव ने NEP-2020 के मॉडल फ्रेमवर्क और बहुविषयक शिक्षा (Multidisciplinary Education) की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
AI कर्मशक्ति: कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार ने प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ विश्वविद्यालय की कृत्रिम बौद्धिक सहायता (AI) ‘कर्मशक्ति सुधबुद्’ के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
पैनल चर्चा और प्राचार्यों की सहभागिता
संस्थान की श्रेष्ठ कार्यपद्धतियों पर आयोजित पैनल चर्चा में कुलानुशासक प्रो. दीपक बाबू, प्रो. प्रकृति राय और प्रो. कौशलेंद्र चतुर्वेदी जैसे विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। इस कार्यक्रम में सिद्धार्थनगर और बस्ती मंडल के लगभग 30 राजकीय एवं संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने प्रतिभाग किया, जिन्हें समापन सत्र में प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

उपस्थिति
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार, प्रो. नीता यादव, डॉ. अजय कुमार मिश्रा, डॉ. बृजेश कुमार त्रिपाठी, डॉ. अभय कुमार श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शिवम शुक्ला और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. दीप्ती गिरी ने किया।
रिपोर्ट: जाकिर खान
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