Lucknow News: ‘साड़ी गैंग’ की टप्पेबाजी का खुला राज, तरकीब देख पुलिस भी दंग, 3 महिलाएं गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ के कृष्णानगर इलाके में ऑटो और ई-रिक्शा यात्रियों को अपना शिकार बनाने वाले एक शातिर महिला टप्पेबाज गैंग का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस गैंग की महिलाएं इतनी होशियार थीं कि पुलिस से बचने के लिए अपने आधार कार्ड तक का पता बदल लेती थीं। कृष्णानगर पुलिस ने इस गिरोह की तीन महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार कर चोरी के जेवर बरामद किए हैं।
700 सीसीटीवी कैमरे और महिला दरोगा की ‘सीक्रेट’ रेकी
डीसीपी दक्षिणी अमित आनंद ने बताया कि नवंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच टप्पेबाजी की लगातार तीन घटनाएं हुईं। इस गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस ने करीब 700 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। एसीपी कृष्णानगर रजनीश वर्मा के मुताबिक, महिला दरोगा सिद्धि मिश्रा ने सादे कपड़ों में एक हफ्ते तक रेकी की। उन्होंने गिरोह के ठिकाने का पता लगाया और मंगलवार को डूडा कॉलोनी (आशाराम बापू मार्ग) से घेराबंदी कर आरोपियों को दबोच लिया।

ये हैं पकड़े गए शातिर अपराधी
शेषकला (गैंग लीडर): नागपुर निवासी, जिस पर पहले से मड़ियांव और हरदोई में कई केस दर्ज हैं।
दयालाल: शेषकला का पति (नागपुर)।
पूजा: (नागपुर)।
गौरी देवी: (आरा, बिहार)।
वारदात की तरकीब: उल्टी का नाटक और सेफ्टी पिन का वार
पूछताछ में आरोपियों ने टप्पेबाजी के चौंकाने वाले तरीके बताए। गिरोह अक्सर उन बुजुर्गों को निशाना बनाता था जो सोने के जेवर पहनकर ऑटो या ई-रिक्शा में सफर करते थे। आरोपी महिलाएं उसी वाहन में सवार हो जाती थीं। सफर के दौरान कोई महिला उल्टी (Vomiting) करने का नाटक करती थी, तो कोई पीड़ित को सेफ्टी पिन चुभो देती थी। जब यात्री असहज होकर उनमें उलझ जाता, तभी दूसरी महिला बड़ी सफाई से सोने की चेन या अंगूठी पार कर देती थी। पुलिस को चकमा देने के लिए ये लोग न केवल शहर बदलते थे, बल्कि फर्जी तरीके से आधार कार्ड का पता भी बदलवा लेते थे।
क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी की गई सोने की चेन, एक अंगूठी और चांदी की पायल बरामद की है। यह गिरोह अक्सर इलाज कराने या फेरी लगाने के बहाने लखनऊ और आसपास के शहरों में सक्रिय रहता था।
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