अमेरिका का ईरान पर हमला, होर्मुज जलडमरूमध्य में एयर डिफेंस और मिसाइल ठिकानों समेत 80 से ज्यादा ठिकानों को किया तबाह
Sandesh Wahak Digital Desk: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाए जाने के बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा सैन्य ऑपरेशन चलाया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि उसने ईरान के 80 से अधिक रणनीतिक ठिकानों पर सटीक निशाना लगाने वाले घातक हथियारों से भीषण हमले किए हैं।
यूएस सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक आधिकारिक बयान जारी कर इस सैन्य कार्रवाई की जानकारी साझा की। यूएस सेंट्रल कमांड ने बताया, अमेरिकी सेनाओं ने 7 जुलाई को ईरान के खिलाफ हवाई हमलों का एक नया और बेहद आक्रामक दौर पूरा किया है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले कमर्शियल (व्यापारिक) जहाजों पर ईरान द्वारा हाल ही में किए गए हमलों के जवाब में यह कड़ी सैन्य कार्रवाई की गई है।
एयर डिफेंस और रडार सिस्टम भी खाक
अमेरिकी सेना के मुताबिक, इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय ट्रेड कॉरिडोर (व्यापारिक गलियारे) पर ईरान की हमला करने की क्षमता को पूरी तरह से पंगु बनाना था। इस हवाई हमले में अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने ईरान के निम्नलिखित सैन्य संसाधनों को नेस्तनाबूद कर दिया। तटीय रडार साइट्स और खतरनाक एंटी-शिप मिसाइल क्षमताएं। ईरान का मुख्य एयर डिफेंस सिस्टम और सैन्य कमांड एंड कंट्रोल नेटवर्क। होर्मुज जलडमरूमध्य के पास सक्रिय इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की 60 से ज्यादा छोटी लड़ाकू नावें।
इन तीन अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर ईरान ने बोला था धावा
वॉशिंगटन के मुताबिक, ईरान ने हाल ही में बिना किसी उकसावे के इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले तीन बड़े कमर्शियल जहाजों को अपना निशाना बनाया था। इनमें एम/टी अल रेकय्यात (मार्शल आइलैंड्स का झंडा लगा जहाज), एम/टी वेड्यान (सऊदी अरब का झंडा लगा जहाज), एम/टी साइप्रस प्रॉस्पेरिटी (लाइबेरिया का झंडा लगा जहाज) शामिल हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दो टूक शब्दों में कहा कि ईरानी सेना की यह आक्रामकता अंतरराष्ट्रीय युद्धविराम नियमों और नेविगेशन की आजादी का सीधा व खतरनाक उल्लंघन है। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि जब भी अंतरराष्ट्रीय समझौतों को तोड़ा जाएगा, अमेरिकी सेना ईरान को उसकी हर हरकत के लिए जवाबदेह ठहराने के लिए पूरी तरह तैयार है।
Also Read: नाबालिग निकाह पर इलाहाबाद HC सख्त, कहा- ‘शरिया नहीं, बाल विवाह पर देश का कानून लागू होगा’

