रतलाम में मुहर्रम जुलूस के दौरान बड़ा हादसा, हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से तीन की मौत
Sandesh Wahak Digital Desk: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहाँ के पिपलोदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हतनारा गांव में गुरुवार रात मुहर्रम के जुलूस के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। दरअसल, गांव से गुजर रहे जुलूस में शामिल एक ताजिया का ऊपरी हिस्सा ऊपर से निकल रही हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया। करंट की चपेट में आने से मौके पर ही तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए।
हादसे के वक्त जुलूस में करीब 200 लोग शामिल थे, जिससे घटना के बाद वहाँ चीख-पुकार और अफरातफरी मच गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) राकेश पांड्रो ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत राहत कार्य के लिए मौके पर पहुँच गया।
एएसपी राकेश पांड्रो के मुताबिक, जुलूस के दौरान ताजिया का ढांचा हाईटेंशन तार के संपर्क में आ गया था, जिससे कई लोग करंट की चपेट में आकर झुलस गए। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। बिजली की लाइन तय मानक से नीचे थी या सुरक्षा उपायों में कोई चूक हुई, इन सभी बिंदुओं पर बारीकी से तफ्तीश की जा रही है।
घायलों में पांच की स्थिति गंभीर
इस हादसे में जान गंवाने वाले स्थानीय युवकों की पहचान राशिद खान, सड्डू हुसैन और अरबाज खान के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, हादसे के बाद उपजे आक्रोश और भावुकता के बीच एक मृतक के परिजन अस्पताल की कागजी औपचारिकताएं पूरी होने से पहले ही शव को अपने साथ घर ले गए। वहीं, दूसरी ओर सभी सात घायलों को तुरंत रतलाम मेडिकल कॉलेज और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, घायलों में से पांच की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और विशेषज्ञों की एक विशेष मेडिकल टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए है।
कम ऊंचाई पर लटक रहे थे तार
हादसे के गवाह बने स्थानीय ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का सीधा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि गांव से गुजर रही हाईटेंशन लाइन काफी नीचे लटक रही थी, जिसे लेकर पहले भी आशंका थी। इसके अलावा, संवेदनशीलता को देखते हुए जुलूस के वक्त मौके पर बिजली विभाग का कोई भी जिम्मेदार कर्मचारी या लाइनमैन तैनात नहीं था। हालांकि, पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की असली वजह साफ होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी एक्शन लिया जाएगा।

