आजमगढ़ से फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरोह के 2 सदस्य गिरफ्तार, UP STF ने किया खुलासा
UPMSP की हूबहू नकल कर बनाई फर्जी वेबसाइट, 15-20 हजार में तैयार करते थे मार्कशीट और सर्टिफिकेट, ऑनलाइन वेरिफिकेशन का भी था 'फुलप्रूफ' इंतजाम
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने शिक्षा जगत में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ ने आजमगढ़ के बरदह थाना क्षेत्र से गिरोह के सरगना समेत दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) जैसी आधिकारिक वेबसाइटों से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को ठग रहा था और अब तक 7,000 से अधिक फर्जी दस्तावेज बाजार में खपा चुका है।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
शशि प्रकाश राय (सरगना): निवासी सुहौली, आजमगढ़। (दिल्ली से B.Sc शिक्षित और गिरोह का मास्टरमाइंड)।
मनीष कुमार राय: निवासी ठेकमा, आजमगढ़। (सरगना का ममेरा भाई, जो फर्जी दस्तावेज तैयार करने का काम करता था)।
बरामदगी की लंबी फेहरिस्त
एसटीएफ ने अभियुक्तों के पास से भारी मात्रा में विभिन्न बोर्ड और यूनिवर्सिटी के सर्टिफिकेट व माइग्रेशन की 217 कूटरचित मार्कशीट, विभिन्न शिक्षा संस्थानों और अधिकारियों के नाम की 42 फर्जी मोहरें, 5 सीपीयू, 10 मोबाइल फोन, 2 पेन ड्राइव और एक यूपीआई क्यूआर स्कैनर, 10 रजिस्टर जिनमें ग्राहकों और लेन-देन का ब्यौरा दर्ज है, बरामद किया है।
कैसे चलता था ‘फर्जीवाड़े का डिजिटल खेल’?
पूछताछ में सरगना शशि प्रकाश ने चौंकाने वाले खुलासे किए। गिरोह ने www.upmsp-edu.in और www.upmsponline.in जैसी फर्जी वेबसाइटें बना रखी थीं, जो असली www.upmsp.edu.in जैसी दिखती थीं।
ये जालसाज फर्जी मार्कशीट का डेटा अपनी फर्जी वेबसाइट पर अपलोड कर देते थे। जब कोई संस्थान रोल नंबर डालकर चेक करता, तो रिजल्ट ‘ऑनलाइन’ दिखाई देता था, जिससे दस्तावेज असली प्रतीत होते थे। एक फर्जी मार्कशीट या सर्टिफिकेट के बदले गिरोह 15 से 20 हजार रुपये वसूलता था। जौनपुर में कॉल सेंटर खोलकर सोशल मीडिया के जरिए प्रचार किया जाता था और दस्तावेज कूरियर से भेजे जाते थे।
कानूनी कार्रवाई
एसटीएफ के पुलिस उपाधीक्षक शुधांशु शेखर के पर्यवेक्षण में उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह और नितिन यादव की टीम ने इस सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया। अभियुक्तों के खिलाफ साइबर थाना प्रयागराज में बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
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