UP के नगर निगमों की बढ़ी कमाई! गोरखपुर ने मारी बाजी, लखनऊ सबसे बड़ा कमाऊ शहर

UP Nagar Nigam News: उत्तर प्रदेश के नगर निगमों ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व वसूली के मामले में शानदार प्रदर्शन किया है। नगर निकाय निदेशालय के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के नगर निगमों का कुल राजस्व संग्रह पिछले वित्तीय वर्ष के 4439.32 करोड़ रुपये से बढ़कर 5850.05 करोड़ रुपये पहुंच गया है। यानी एक साल में करीब 32 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

राजस्व में हुई इस बढ़ोतरी का फायदा अब शहरों के विकास कार्यों में भी देखने को मिल सकता है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले नगर निगमों को विकास योजनाओं के लिए अधिक संसाधन मिलने की संभावना है। इस बार राजस्व वृद्धि के मामले में गोरखपुर नगर निगम ने पूरे प्रदेश में बाजी मारी है।

हालांकि कुल कमाई के मामले में Lucknow Nagar Nigam सबसे आगे रहा, लेकिन वृद्धि प्रतिशत के आधार पर गोरखपुर ने सभी नगर निगमों को पीछे छोड़ दिया। वहीं मथुरा-वृंदावन और वाराणसी भी टॉप प्रदर्शन करने वाले नगर निगमों में शामिल रहे।

UP के 10 बड़े Nagar Nigam की कमाई

  1. गोरखपुर: 103.72 करोड़ रुपये से बढ़कर 216.66 करोड़ रुपये, सबसे ज्यादा 109% की बढ़ोतरी।
  2. मथुरा-वृंदावन: 90.24 करोड़ रुपये से बढ़कर 149.75 करोड़ रुपये, 66% की वृद्धि।
  3. वाराणसी: 253.75 करोड़ रुपये से बढ़कर 415.54 करोड़ रुपये, 64% की बढ़ोतरी।
  4. बरेली: 110.57 करोड़ रुपये से बढ़कर 167.26 करोड़ रुपये, 51% की वृद्धि।
  5. झांसी: 87.11 करोड़ रुपये से बढ़कर 118.53 करोड़ रुपये, 36% की बढ़ोतरी।
  6. आगरा: 291.97 करोड़ रुपये से बढ़कर 396.68 करोड़ रुपये, 36% की वृद्धि।
  7. मुरादाबाद: 118.51 करोड़ रुपये से बढ़कर 157.65 करोड़ रुपये, 33% की बढ़ोतरी।
  8. मेरठ: 158.08 करोड़ रुपये से बढ़कर 205.44 करोड़ रुपये, 30% की वृद्धि।
  9. कानपुर: 655.35 करोड़ रुपये से बढ़कर 840.75 करोड़ रुपये, 28% की बढ़ोतरी।
  10. अलीगढ़: 146.79 करोड़ रुपये से बढ़कर 187.32 करोड़ रुपये, 28% की वृद्धि।

गोरखपुर नंबर-1, लखनऊ सबसे बड़ा कमाऊ नगर निगम

UP राजस्व वृद्धि के मामले में Gorakhpur Nagar Nigam ने 109 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ पहला स्थान हासिल किया है। नगर निगम की आय एक साल में दोगुने से भी ज्यादा बढ़ी है। वहीं मथुरा-वृंदावन और वाराणसी ने भी क्रमशः 66 फीसदी और 64 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज कर मजबूत प्रदर्शन किया है।

दूसरी ओर, कुल राजस्व वसूली की बात करें तो लखनऊ नगर निगम प्रदेश में सबसे आगे रहा। लखनऊ ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1663.02 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया, जो किसी भी नगर निगम से सबसे ज्यादा है। यही वजह है कि राजधानी नगर निगम को प्रदेश का सबसे बड़ा कमाऊ नगर निगम माना जा रहा है।

शाहजहांपुर और सहारनपुर रहे सबसे पीछे

जहां कई नगर निगमों ने शानदार प्रदर्शन किया, वहीं कुछ शहरों में राजस्व वृद्धि की रफ्तार धीमी रही। शाहजहांपुर नगर निगम में केवल 3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई और कुल वसूली 30.14 करोड़ रुपये रही। वहीं सहारनपुर नगर निगम ने 10 फीसदी की वृद्धि के साथ 70.62 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया।

इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदेश के अधिकांश नगर निगम (UP Nagar Nigam) आर्थिक रूप से पहले से अधिक मजबूत हुए हैं। राजस्व में बढ़ोतरी से शहरों में सड़क, सफाई, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

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