UP में NEET को लेकर हाई अलर्ट, DM-SP से बोले मुख्य सचिव – लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी

Lucknow News: उत्तर प्रदेश में NEET परीक्षा की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव एसपी गोयल (SP Goyal) ने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की। बैठक में परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था, आयुष्मान योजना, औद्योगिक विकास और जनशिकायतों के निस्तारण समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के 59 जिलों में करीब 3.5 लाख अभ्यर्थी NEET परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं। ऐसे में परीक्षा का आयोजन पूरी पारदर्शिता, सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ कराया जाए। उन्होंने कहा कि NTA की गाइडलाइन के अनुसार परीक्षा केंद्रों पर सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं।

NEET परीक्षा को लेकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर जोर

मुख्य सचिव ने परीक्षा केंद्रों पर महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, प्रमुख चौराहों और परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सुरक्षा एवं सुगम आवागमन के लिए विशेष व्यवस्था करने को कहा।

बैठक में आयुष्मान भारत और वय वंदना योजना की भी समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड जल्द से जल्द बनाए जाएं। छूटे हुए लाभार्थियों तक पहुंचने के लिए आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद लेने को कहा गया। साथ ही ई-KYC से जुड़ी त्रुटियों को दूर करने के लिए डेटा करेक्शन पोर्टल विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

औद्योगिक विकास और जनशिकायतों पर भी फोकस

मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इसके लिए उत्तर प्रदेश को नौ क्षेत्रीय जोन में विभाजित किया गया है। इन क्षेत्रों में स्किल डेवलपमेंट सेंटर, MSME यूनिट्स, कामन फैसिलिटी सेंटर, ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर, हेल्थ सेंटर और फायर स्टेशन जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि 50 से 100 एकड़ तक उपयुक्त भूमि चिन्हित कर MSME विभाग को उपलब्ध कराई जाए।

जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर भी मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिला स्तरीय अधिकारी नियमित जनसुनवाई करें और शिकायतों को अनिवार्य रूप से IGRS पोर्टल पर दर्ज कराया जाए। जिलाधिकारी प्रतिदिन कम से कम 10 शिकायतों का फीडबैक लें और असंतोषजनक मामलों की विशेष समीक्षा करें।

मुख्य सचिव ने यह भी बताया कि शासन जल्द ही IGRS पोर्टल को AI आधारित प्रणाली से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। यह तकनीक शिकायतों का सार तैयार करने, विश्लेषण करने और समाधान के सुझाव देने में मदद करेगी, जिससे शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बन सकेगी।

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