UP STF: CBSE भर्ती परीक्षा में PwD सर्टिफिकेट के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाला गिरोह गिरफ्तार

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल (EMRS) भर्ती परीक्षा (टियर-2 जूनियर सेक्रेटेरिएट असिस्टेंट) में फर्जी तरीके से नकल कराने वाले गिरोह को दबोचा है। यह गिरोह स्वस्थ अभ्यर्थियों के फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र (PwD Certificate) बनवाकर उन्हें परीक्षा में अवैध रूप से ‘लेखक’ (Scribe) उपलब्ध कराता था, जो पेपर हल करते थे।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण

एसटीएफ ने झांसी, दिल्ली, जालौन और लखनऊ सहित विभिन्न क्षेत्रों से कुल 09 लोगों को गिरफ्तार किया है।

मनीष मिश्रा (झांसी) – गैंग सरगना

राज किशोर (झांसी)

नीरज झा (दिल्ली)

राम मिलन (झांसी)

सत्यम कुमार (सहारनपुर/लखनऊ)

आकाश अग्रवाल (झांसी)

सौरभ सोनी (झांसी)

अभिषेक यादव (जालौन)

दीपक कुमार (अमेठी)

बरामदगी का विवरण

अभियुक्तों के पास से अपराध में प्रयुक्त निम्नलिखित सामग्री बरामद हुई है:

नकदी: ₹5,00,02,70,475/- (लगभग 5 करोड़ रुपये से अधिक की भारी धनराशि)।

फर्जी दस्तावेज: 06 अदद कूटरचित (फर्जी) PwD प्रमाण पत्र।

इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: 13 मोबाइल फोन और 02 लैपटॉप।

वाहन: 01 स्विफ्ट डिजायर कार।

गिरोह की कार्यप्रणाली

पूछताछ में सरगना मनीष मिश्रा ने बताया कि उनका गिरोह बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का लालच देता था। गिरोह दो चरणों में काम करता था।

फर्जी सर्टिफिकेट: स्वस्थ अभ्यर्थियों के नाम पर फर्जी ‘दिव्यांग’ प्रमाण पत्र तैयार करवाना।

प्रोफेशनल स्क्राइब: नियमों का उल्लंघन कर ‘श्रुत लेखक’ (Scribe) के रूप में पेशेवर साल्वरों (Solvers) को परीक्षा केंद्र में बैठाना, जो अभ्यर्थी की जगह पूरा प्रश्न पत्र हल करते थे।

कानूनी कार्रवाई

गिरफ्तारी सेंट्रल एकेडमी, सेक्टर-4 विकासनगर (लखनऊ) परीक्षा केंद्र और गोरखपुर से की गई है। अभियुक्तों के विरुद्ध थाना विकासनगर, लखनऊ में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 के तहत मु0अ0सं0 54/2026 पंजीकृत किया गया है।

Also Read: लखनऊ: LDA में 18 अप्रैल से शुरू होगी OTS योजना, बकायेदारों के लिए खुलेगा विशेष हेल्प डेस्क

Get real time updates directly on you device, subscribe now.