जमीन पैमाइश से नाराज होकर मोबाइल टॉवर पर चढ़ा युवक, अफसरों के सामने गिरकर हुई मौत

Jaunpur News: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के बक्शा थाना क्षेत्र अंतर्गत उतरीजपुर गांव में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ पिछले 10 साल से चल रहे एक ज़मीन विवाद और प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई न होने से क्षुब्ध होकर एक 30 वर्षीय युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। पुलिस और प्रशासन की टीम करीब 7 घंटे तक उसे नीचे उतारने के लिए समझाती रही, लेकिन इसी बीच वह अचानक टॉवर से सीधे नीचे गिर पड़ा। आनन-फानन में पुलिस उसे जिला अस्पताल लेकर भागी, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मौके पर ही अधिकारियों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की।

10 साल पुराना था ज़मीन का विवाद

पूरा मामला उतरीजपुर गांव निवासी राजाराम यादव और उनके पड़ोसियों (महावीर यादव, अर्जुन यादव आदि) के बीच करीब एक दशक से चल रहे भूमि विवाद से जुड़ा हुआ है। साल 2016 में राजाराम के आवेदन पर प्रशासन द्वारा पैमाइश की गई थी और 2019 में पत्थरगड्डी भी हुई, लेकिन पीड़ित परिवार इस नापी से बिल्कुल संतुष्ट नहीं था।

हाल ही में पड़ोसी महावीर के घर तक जाने वाली एक सरकारी सड़क की स्वीकृति मिली और उसका निर्माण कार्य शुरू हो गया। राजाराम का आरोप था कि प्रशासनिक पैमाइश दोषपूर्ण है और इसी गलत नापी के आधार पर उनके हिस्से की जमीन पर जबरन रास्ता बनाया जा रहा है। पीड़ित परिवार इस निर्माण कार्य को रुकवाने और न्याय की गुहार लगाने के लिए लगातार तहसील और जिला मुख्यालय के चक्कर काट रहा था, लेकिन अफसरों द्वारा कोई ठोस सुनवाई नहीं की जा रही थी।

ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार पर लगाए गंभीर आरोप

प्रशासनिक बेरुखी से तंग आकर गुरुवार सुबह करीब 7 बजे राजाराम का बड़ा बेटा श्रीप्रकाश यादव गांव में ही लगे एक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। युवक के टॉवर पर चढ़ने की खबर से हड़कंप मच गया और बक्शा थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार, एसडीएम सदर संतवीर, सीओ सदर देवेश सिंह सहित राजस्व और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं। युवक को शांत करने के लिए एसडीएम ने आनन-फानन में तहसीलदार को दोबारा नापी करने का आदेश भी दिया और नाप शुरू भी हो गई, लेकिन युवक ने कहा कि जब तक पूरी पत्थरगड्डी दोबारा सही नहीं होती, वह नीचे नहीं उतरेगा।

दोपहर करीब 2 बजे (7 घंटे बाद) श्रीप्रकाश अचानक टॉवर से नीचे गिर गया। इस मामले में पड़ोसियों और ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार युवक को समझाने के बजाय नीचे से चिल्लाकर चेतावनी दे रहे थे कि अगर वह खुद से नीचे नहीं उतरा, तो उसके खिलाफ मुकदमा लिखकर उसे जेल भिजवा देंगे। आरोप है कि इसी कानूनी कार्रवाई और जेल जाने के डर से सहमे युवक का अचानक संतुलन बिगड़ा या हाथ छूटा और वह नीचे आ गिरा।

डीएम ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश

इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जौनपुर के जिलाधिकारी (डीएम) सैमुअल पॉल एन ने मामले को शांत कराने की कोशिश की। डीएम ने बताया कि युवक सत्यप्रकाश (श्रीप्रकाश) की मांग को देखते हुए मौके पर ही तत्काल राजस्व टीम द्वारा कार्रवाई शुरू करा दी गई थी और पुलिस व फायर ब्रिगेड उसे सुरक्षित उतारने की कोशिश में जुटी थीं, तभी असंतुलन की वजह से यह हादसा हो गया।

डीएम ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एडीएम (वित्त एवं राजस्व) के नेतृत्व में एक विशेष जांच कमेटी का गठन कर दिया है। यह कमेटी प्रशासनिक स्तर पर हुई किसी भी तरह की लापरवाही या धमकी के आरोपों की बारीकी से जांच करेगी और 3 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। डीएम ने आश्वासन दिया है कि रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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