ईरान की आर्थिक रीढ़ पर अमेरिका का बड़ा प्रहार, खर्ग द्वीप पर भीषण बमबारी

Sandesh Wahak Digital Desk: मध्य-पूर्व के हालात अब काबू से बाहर होते दिख रहे हैं। अमेरिकी वायुसेना ने मंगलवार को ईरान के सबसे महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र, खर्ग द्वीप (Kharg Island) पर बड़े पैमाने पर बमबारी की है। यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस खौफनाक चेतावनी के कुछ ही घंटों बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने ईरान के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह तबाह करने की बात कही थी।

राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को बेहद कड़े शब्दों में कहा कि वे ईरान के हर पुल और पावर प्लांट को उड़ाने की तैयारी में हैं। उन्होंने साफ कर दिया कि वे “युद्ध अपराध” जैसे आरोपों की परवाह नहीं कर रहे हैं। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा, ईरान का हर पावर प्लांट जलता हुआ और फटता हुआ नजर आएगा, जिसे दोबारा कभी इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। मुझे उम्मीद है कि मुझे ऐसा (आगे) न करना पड़े, लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे।

क्यों खास है खर्ग द्वीप

खर्ग द्वीप को ईरान की आर्थिक जीवनरेखा या क्राउन ज्वेल कहा जाता है। फारस की खाड़ी में स्थित यह छोटा सा द्वीप ईरान के लिए कितना अहम है, इसे इन आंकड़ों से समझा जा सकता है।

90% तेल निर्यात: ईरान जितना भी कच्चा तेल दुनिया को बेचता है, उसका 90 प्रतिशत हिस्सा इसी द्वीप से होकर गुजरता है।

सुपरटैंकरों का ठिकाना: यहाँ गहरे पानी की वजह से एक साथ 10 विशाल सुपरटैंकर तेल लोड कर सकते हैं।

विदेशी मुद्रा का स्रोत: चीन और अन्य एशियाई देशों को होने वाला तेल निर्यात ईरान की कमाई का मुख्य जरिया है, जिससे उसका बजट और सेना चलती है।

खर्ग द्वीप पर अमेरिकी हमले का सीधा मतलब है ईरान की अर्थव्यवस्था को ठप कर देना। अगर यहाँ तेल का कामकाज रुकता है, तो ईरान का राजस्व पूरी तरह खत्म हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका ने जानबूझकर ईरान के सबसे संवेदनशील हिस्से पर चोट की है ताकि उसे घुटनों पर लाया जा सके।

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