रहमान फाउंडेशन की महिला विंग ने संभाली कमान, विकास नगर अग्निकांड के जरूरतमंदों में बांटे बर्तन और स्वच्छता किट
Lucknow News: राजधानी के विकास नगर में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद राहत कार्यों में जुटी संस्था रहमान फाउंडेशन ने मंगलवार को सहायता के दायरे को बढ़ाते हुए दैनिक जरूरत का सामान बांटा है। प्रख्यात इस्लामी विद्वान मौलाना खलील-उर-रहमान सज्जाद नोमानी के दिशा-निर्देशों पर काम करते हुए, फाउंडेशन की महिला विंग ने मंगलवार को प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और पीड़ित परिवारों, विशेषकर महिलाओं तक व्यक्तिगत रूप से पहुँचकर उन्हें जरूरी राहत सामग्री दी।
अग्निकांड के कारण इन परिवारों का घरेलू सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया था, जिससे उन्हें दैनिक जीवन के छोटे-छोटे कामों में भी बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी जरूरतों को समझते हुए रहमान फाउंडेशन के जनरल सेक्रेटरी मौलाना बिलाल सज्जाद नोमानी की अगुवाई में राहत सामग्री के रूप में नई किट वितरित की गई।

महिलाओं की निजता और गरिमा का रखा ध्यान
प्रत्येक पीड़ित परिवार को खाना बनाने और भोजन करने के लिए जरूरी बर्तन और बाल्टी, स्वास्थ्य और स्वच्छता बनाए रखने के उद्देश्य से टूथपेस्ट, साबुन और सफाई से जुड़ी अन्य सामग्री प्रदान की गई। संस्था की महिला विंग ने विशेष रूप से पीड़ित महिलाओं की निजता और गरिमा का ध्यान रखते हुए उनसे जुड़ी आवश्यक व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं वितरित कीं।
रहमान फाउंडेशन के जनरल सेक्रेटरी मौलाना बिलाल सज्जाद नोमानी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी टीम पहले स्थिति का जायजा लेती है और उसी के आधार पर जरूरत का सामान लोगों तक पहुंचाती है। उन्होंने बताया, हम लोग विकास नगर में लगभग सातवीं-आठवीं बार आए हैं। मौजूदा समय में लोगों को खाने या कपड़ों की उतनी जरूरत नहीं है, जितनी अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं की है। इसलिए जमीनी स्तर पर आकलन करने के बाद, इस बार मुख्य रूप से खाना पकाने के बर्तन, नहाने और कपड़े धोने के काम आने वाले जरूरी सामान का वितरण किया गया है।

महिलाओं की बुनियादी जरूरतों का रखा गया ख्याल
उन्होंने बताया कि आज इस राहत कार्य में ‘रहमान फाउंडेशन’ के महिला विंग का विशेष योगदान रहा। सबसे खास बात यह रही कि इसमें महिलाओं की बुनियादी जरूरतों और उनकी हाइजीन (साफ-सफाई) से जुड़े सामानों पर विशेष ध्यान दिया गया। यह सारा सामान फाउंडेशन की महिला स्वयंसेविकाओं के हाथों ही बंटवाया गया ताकि महिलाओं को किसी तरह की झिझक न हो। मौलाना बिलाल नोमानी ने कहा कि उनकी टीम लगातार इस इलाके की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और भविष्य में भी, जिस वक्त जिस चीज की जरूरत होगी, उसे जरूरतमंदों तक पहुंचाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
‘रहमान फाउंडेशन’ की महिला विंग ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और पीड़ितों की मदद की। मीडिया से बात करते हुए प्रतिनिधि ने बताया, हमें फाउंडेशन के जरिए यहाँ भेजा गया है। हमने खुद यहाँ का जायजा लिया है। इस वक्त लोगों को खाने और कपड़ों से ज्यादा अन्य बुनियादी चीजों की जरूरत है। उन्होंने बताया कि लोगों के पास सामान रखने तक की जगह नहीं है, इसलिए उन्हें बर्तन, सामान रखने के लिए बैग या झोले, बैठने के लिए चटाई और हाथ वाले पंखों की सख्त जरूरत है। संस्था का प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा ऐसी चीजंं लोगों तक पहुंचाई जाएं।
पीड़ितों का दर्द प्रतिनिधि हुए भावुक
पीड़ितों का दर्द बयां करते हुए प्रतिनिधि काफी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, एक औरत का दर्द एक औरत ही समझ सकती है। यहाँ लोगों के आंसू लगातार बह रहे हैं, उन्हें इस हाल में देखकर हमें भी बहुत रोना आ रहा है। इन गरीबों का सब कुछ जल चुका है। उनकी जिंदगी की तमाम चीजें, उनके ख्वाब और बच्चों का मुस्तक़बिल सब खाक हो गया है।
गौरतलब हो कि इससे पहले भी फाउंडेशन के जिम्मेदारों ने भोजन, पेयजल और रहने के लिए टेंट (तंबू) की व्यवस्था की गई थी। रहमान फाउंडेशन का कहना है कि वे इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ तब तक खड़े रहेंगे जब तक कि उनका जीवन सामान्य नहीं हो जाता। मौलाना सज्जाद नोमानी ने टीम को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राहत वितरण में मानवीय गरिमा का पूरा ख्याल रखा जाए।
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