मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, दो हमलों में 4 की मौत, 6 साल का मासूम भी गोली से घायल
Manipur Violence: मणिपुर में हिंसा का सिलसिला एक बार फिर चिंता बढ़ा रहा है। तामेंगलोंग जिले (Tamenglong) में रविवार को दो अलग-अलग हमलों में एक दंपती समेत चार लोगों की मौत हो गई। पहली घटना में छह साल के बच्चे को भी गोली लगी, जिसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों घटनाओं में हथियारबंद हमलावर शामिल थे।
पहली घटना सुबह करीब 5:30 बजे कैमाई थाना क्षेत्र के टोलन गांव में हुई। पुलिस के अनुसार, 46 वर्षीय लिंगजंगाई सिंगसिट की मौके पर ही मौत हो गई। उनके पति सेनेह सिंगसिट और छह वर्षीय बेटे को भी गोली लगी। इलाज के लिए दोनों को असम के सिलचर मेडिकल कॉलेज ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में सेनेह की मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। छह वर्षीय बच्चे का इलाज जारी है।
कुछ घंटों बाद फिर हुआ हमला
पहली घटना के कुछ घंटे बाद दोपहर करीब 3 बजे नुंगबा थाना क्षेत्र के लोंगपी गांव में भी हमला हुआ। नुंगबा पुलिस ने घटना की पुष्टि की है। पुलिस के मुताबिक, लोंगपी गांव थाने से करीब 30 किलोमीटर पश्चिम में है और सड़क की खराब स्थिति के कारण तत्काल पुलिस टीम घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकी। सोमवार सुबह मौके पर जाकर जांच की जाएगी।
इस हमले में जिली सिंगसन और रियोल गंगटे की मौत होने का दावा वेस्टर्न विलेज वॉलंटियर्स (WVV) ने किया है। कुकी समूह ने आरोप लगाया कि हमला NSCN-IM और ZUF-K से जुड़े लोगों ने किया। हालांकि, पुलिस जांच जारी है और अभी किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
WVV का दावा है कि पीड़ित जरूरी काम से जा रहे थे, तभी उन पर हमला किया गया। इसके बाद हमलावर गांव की ओर बढ़े, लेकिन वेस्टर्न विलेज वॉलंटियर्स के साथ गोलीबारी के बाद पीछे हट गए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
निष्पक्ष जांच और गिरफ्तारी की मांग
WVV ने सुरक्षा बलों से 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं, कैमाई विलेज अथॉरिटी ने घटना (Manipur Violence) की निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा देने की मांग की है। लोगों से कुकी और नागा समुदायों के बीच तनाव बढ़ाने वाली अफवाहों से बचने की अपील की गई है।
KYO Women’s Council ने भी हमले की निंदा करते हुए तत्काल और निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन ने भरोसेमंद सबूत और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मणिपुर में नागा-कुकी संघर्ष (Kuki Naga Conflict) का पुराना इतिहास भी इस क्षेत्र के तनाव से जुड़ा रहा है। 1990 में जमीन और पहचान के मुद्दे पर हुए संघर्ष में 1,000 से अधिक लोगों की जान गई थी। कुकी समुदाय 13 सितंबर को इस संघर्ष की याद में ‘Black Day’ के तौर पर मनाता है।
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