UP STF ने बलिया के इनामी बदमाश मनोज यादव को वाराणसी से किया गिरफ्तार
Varanasi News: उत्तर प्रदेश में अपराधियों और फरार चल रहे बदमाशों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में यूपी एसटीएफ (UP STF) को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। बलिया पुलिस द्वारा वांछित और 50 हजार रुपये के इनामी शातिर अपराधी मनोज यादव को एसटीएफ की टीम ने वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया है। मनोज यादव के खिलाफ बलिया के विभिन्न थानों में रंगदारी, मारपीट और डराने-धमकाने जैसे करीब 15 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था।
रेलवे स्टेशन के पास बिछाया गया जाल
एसटीएफ के पुलिस उपाधीक्षक प्रमेश कुमार शुक्ल के मार्गदर्शन में अयोध्या फील्ड इकाई की टीम अपराधियों की धरपकड़ के लिए वाराणसी क्षेत्र में सक्रिय थी। इसी दौरान उप-निरीक्षक सौरभ मिश्रा के नेतृत्व वाली टीम को पुख्ता मुखबिर से सूचना मिली कि बलिया का इनामी बदमाश मनोज यादव इस समय बनारस रेलवे स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार के पास मौजूद है और राज्य से बाहर भागने की योजना बना रहा है। सूचना मिलते ही मुस्तैद एसटीएफ टीम ने मडुआडीह थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बनारस स्टेशन के पास घेराबंदी की और अभियुक्त मनोज यादव को गिरफ्तार कर लिया।
बदला लेने के लिए बनाया था गैंग
एसटीएफ की पूछताछ में गिरफ्तार मनोज यादव (पुत्र सदाफल यादव, निवासी रामपुर उदयभान, बलिया) ने जुर्म कबूल करते हुए कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि साल 2021 में उसके करीबी दोस्त आदित्य पाण्डेय के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की थी। इसी का बदला लेने के लिए उसने 10-12 लड़कों का एक गुट (गैंग) तैयार किया। इसके बाद इलाके में अपना खौफ और वर्चस्व कायम करने के लिए इस गैंग ने कई बार विरोधी गुटों के साथ मारपीट की और लोगों को हथियारों के बल पर डराया-धमकाया।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि मनोज पहले भी मारपीट के मामलों में जेल की हवा खा चुका है। जेल से रिहा होने के बाद वह कानूनी कार्रवाई और पुलिस से बचने के लिए तमिलनाडु भाग गया था, जहां वह छिपकर रह रहा था। हालांकि, वह बीच-बीच में चुपके से बलिया आता-जाता रहता था। हाल ही में बलिया कोतवाली में दर्ज एक नए मामले में लगातार फरार रहने के चलते उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। वह फिर से राज्य से बाहर भागने की फिराक में बनारस आया था, लेकिन एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया।

