West Bengal: OBC कोटा में बड़ा बदलाव, 17% से घटकर 7% हुआ OBC कोटा, 113 समुदाय सूची से बाहर

West Bengal OBC Reservation: पश्चिम बंगाल में OBC आरक्षण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य विधानसभा ने सोमवार को दो संशोधन विधेयक पारित कर OBC आरक्षण का ढांचा पूरी तरह बदल दिया। नए कानून के तहत OBC आरक्षण 17 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके साथ ही बिना वैध सामाजिक सर्वेक्षण के शामिल किए गए 113 समुदायों को OBC सूची से बाहर कर दिया गया है, जबकि 66 समुदायों को आरक्षण का लाभ जारी रहेगा।

सरकार का कहना है कि यह बदलाव कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप किया गया है और इसका उद्देश्य आरक्षण व्यवस्था को कानूनी रूप से मजबूत बनाना है।

113 समुदाय बाहर, 66 को मिला आरक्षण का लाभ

पिछड़ा वर्ग विकास मंत्री गौरीशंकर घोष ने विधानसभा में बताया कि जिन 113 समुदायों को बिना उचित सर्वेक्षण के OBC सूची में शामिल किया गया था, उन्हें हटा दिया गया है। वहीं, विस्तृत सामाजिक अध्ययन के आधार पर शामिल 66 समुदायों को सात प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलता रहेगा।

उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी नए समुदाय को OBC सूची में शामिल करने या हटाने का फैसला पश्चिम बंगाल पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिश के आधार पर ही होगा।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद बदला कानून

मई 2024 में कलकत्ता हाईकोर्ट ने 2010 से 2012 के बीच OBC सूची में शामिल 77 अतिरिक्त समुदायों और करीब 12 लाख OBC प्रमाणपत्रों को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया था। अदालत ने कहा था कि यह प्रक्रिया कानून के अनुरूप नहीं अपनाई गई थी। हालांकि, 2010 से पहले जारी OBC प्रमाणपत्रों को वैध माना गया था।

 

इसी फैसले के बाद राज्य सरकार ने आरक्षण व्यवस्था में संशोधन करते हुए नए विधेयक लाए, जिन्हें अब विधानसभा की मंजूरी मिल गई है।

नए कानून (West Bengal OBC Reservation) के तहत राज्य सरकार आयोग से परामर्श के बाद विभिन्न OBC कैटिगरी के लिए अलग-अलग आरक्षण तय कर सकेगी। साथ ही कुल आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी। नागरिक अब OBC सूची में शामिल होने के लिए आयोग के पास आवेदन भी कर सकेंगे, जिसकी जांच के बाद आयोग सरकार को अपनी सिफारिश भेजेगा।

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