UP के 22 हजार मदरसा शिक्षकों के लिए खुशखबरी, योगी सरकार ने जारी किया ये निर्देश

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में ‘मदरसा आधुनिकीकरण योजना’ बंद होने के बाद सड़क पर आए लगभग 22,000 शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अधिकारियों को उनके समायोजन (Adjustment) का ठोस रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया है। इस फैसले से प्रदेश के हजारों मुस्लिम परिवारों और आधुनिक शिक्षा देने वाले शिक्षकों में नई उम्मीद जगी है।

मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में बड़ा फैसला

अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में इस संवेदनशील मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1995 से कार्यरत इन शिक्षकों ने मदरसों में आधुनिक शिक्षा (विज्ञान, गणित, अंग्रेजी) पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, उन्हें उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया जाएगा। सरकार अब इन शिक्षकों को मदरसा शिक्षा प्रणाली या अन्य विभागों में समायोजित करने के रास्ते तलाश रही है।

क्यों संकट में थे 22 हजार शिक्षक?

केंद्र सरकार ने 1995 में मदरसों में धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक विषय जोड़ने के लिए यह योजना शुरू की थी। केंद्र द्वारा वित्त पोषण (Funding) बंद करने के बाद 2023-24 में यह योजना पूरी तरह ठप हो गई। उत्तर प्रदेश के सहायता प्राप्त और गैर-सरकारी मदरसों में पढ़ाने वाले ये शिक्षक पिछले 2 साल से बिना वेतन के काम कर रहे थे या बेरोजगार हो चुके थे।

शिक्षक संघ ने जताई खुशी

‘शिक्षक संघ मदरिस अरबिया’ के महासचिव दीवान साहब जमान खान ने सरकार के इस कदम को सकारात्मक बताया है। उन्होंने कहा कि यह योजना उन मदरसों के लिए लाइफलाइन थी जहाँ आधुनिक विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं थे। यदि समायोजन की प्रक्रिया जल्द पूरी होती है, तो यह उन लोगों के लिए बहुत बड़ी संजीवनी होगी जो दाने-दाने को मोहताज हो रहे थे।

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