अगले वित्तीय वर्ष की रणनीति तैयार, जिला सहकारी बैंक लखनऊ ने तय किए नए लक्ष्य
Sandesh Wahak Digital Desk: जिला सहकारी बैंक लि0 लखनऊ की 95वीं वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक आज चौधरी चरण सिंह प्रेक्षा गृह (सभागार) लखनऊ में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता मा० सभापति वीरेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश शासन के सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज सिंह, उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक लि0 लखनऊ के सभापति जितेन्द्र बहादुर सिंह, पूर्व अध्यक्ष यूपीसीएलडीएफ वीरेन्द्र कुमार तिवारी, विधायक बीकेटी योगेश शुक्ला, विधायक मोहनलालगंज अमरेश रावत सहित कई अन्य अतिथि मौजूद रहे।
बैठक में बैंक के उप सभापति महेन्द्र कुमार एवं संचालकगण विनय प्रताप सिंह, राजेश बाबू मिश्रा, दिनेश प्रताप सिंह, पंकज कुमार गुप्ता, जयप्रकाश पटेल, देशपाल सिंह, जयवीर सिंह चौहान, कनकलता सिंह, वरूण प्रताप सिंह, बृजेन्द्र कुमार वर्मा, सरोज देवी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
बैंक की प्रगति एवं वित्तीय स्थिति
बैठक में मा० सभापति वीरेन्द्र प्रताप सिंह ने बैंक की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जिला सहकारी बैंक लि0 लखनऊ अपनी 20 शाखाओं के माध्यम से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएँ प्रदान कर रहा है। बैंक की विभिन्न शाखाओं से सम्बद्ध 82 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के माध्यम से कृषकों को फसली ऋण, उर्वरक एवं कृषि निवेशों की आपूर्ति की जा रही है। इसके अतिरिक्त, बैंक से सम्बद्ध 8 वेतनभोगी समितियों के माध्यम से वेतनभोगी व्यक्तियों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
वर्ष 2023-24 में बैंक को रु. 41.26 लाख का लाभ प्राप्त हुआ। बैंक की अंशपूँजी एवं निक्षेप में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो 31 मार्च 2024 तक क्रमशः रु. 8.45 करोड़ एवं रु. 331.92 करोड़ रही। बैंक की सभी 20 शाखाएँ लाभ की स्थिति में हैं, जो बैंक की सुदृढ़ वित्तीय स्थिति को दर्शाती है।
सहकारिता क्षेत्र में सुधार एवं नई योजनाएँ
मुख्य अतिथि जेपीएस राठौर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की ‘सहकार से समृद्धि’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए भारत सरकार द्वारा 6 जुलाई 2021 को गठित सहकारिता मंत्रालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मा० अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र को सशक्त एवं समृद्ध बनाने हेतु 54 मुख्य पहल और योजनाएँ लागू की गई हैं। इन योजनाओं से सहकारिता क्षेत्र के हितधारकों को अत्यधिक लाभ मिल रहा है और इस वित्तीय वर्ष में सभी 50 जिला सहकारी बैंक लाभ की स्थिति में पहुँचने की संभावना है।
बी-पैक्स योजना और उत्तर प्रदेश की उपलब्धियाँ
पंकज सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि बी-पैक्स को रु. 10 लाख तक की बिना ब्याज की लिमिट देकर उत्तर प्रदेश सरकार ने कृषकों के हित में बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं सहकारिता मंत्री की सराहना करते हुए कहा कि इस पहल से सहकारिता क्षेत्र को नया बल मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि सदस्यता वृद्धि में उत्तर प्रदेश ने ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त की है और जिला सहकारी बैंक लि0 लखनऊ ने अपने मण्डल में तृतीय स्थान प्राप्त किया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार
वीरेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि बैंक ग्रामीण अंचल के अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सुविधाएँ पहुँचाने के लिए संकल्पित है। बैंक वित्तीय समावेशन की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है और न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण सुविधाएँ प्रदान कर रहा है। बैंक भविष्य में भी सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
बैठक का समापन
बैठक के अंत में उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक लि0 लखनऊ के सभापति मा० जितेन्द्र बहादुर सिंह ने सभी किसानों, अतिथियों एवं बैंक अधिकारियों का आभार व्यक्त किया और बैठक के सफल समापन की घोषणा की।
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