विटामिन D की कमी से बढ़ सकता है दिल, हड्डी और मानसिक बीमारियों का खतरा – जानें बचाव के आसान उपाय
Sandesh Wahak Digital Desk: आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी, ऑफिस वर्क और घर में सीमित रहन-सहन के कारण लोगों में विटामिन D की कमी आम होती जा रही है। विशेषज्ञों की मानें तो यह कमी धीरे-धीरे शरीर को अंदर से खोखला कर सकती है और कई गंभीर बीमारियों की वजह बन सकती है।
विटामिन D क्यों है जरूरी?

एशियन हॉस्पिटल के ऑर्थोपेडिक्स विभाग के प्रमुख डॉ. सुनील चौधरी के अनुसार, विटामिन D शरीर में कैल्शियम और फॉस्फेट के अवशोषण में मदद करता है। यह सिर्फ हड्डियों को मज़बूती ही नहीं देता बल्कि इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाता है और मानसिक स्वास्थ्य में भी अहम भूमिका निभाता है।
विटामिन D की कमी से होने वाले खतरे:
– ऑस्टियोपोरोसिस और हड्डियों की कमजोरी
– रिकेट्स (बच्चों में हड्डियों का टेढ़ा-मेढ़ा होना)
– ऑस्टियोमलेशिया (वयस्कों में हड्डियों में दर्द)
– मांसपेशियों में दर्द और लगातार थकान
– इम्यून सिस्टम की कमजोरी
– डिप्रेशन
– दिल की बीमारियां
– टाइप 2 डायबिटीज
– बाल झड़ना
– ऑटोइम्यून रोग जैसे रूमेटाइड आर्थराइटिस और मल्टीपल स्क्लेरोसिस।
कैसे करें बचाव?

– धूप से लें प्राकृतिक विटामिन D: सुबह 7 से 10 बजे के बीच रोज़ 20-30 मिनट धूप में रहना फायदेमंद है।
– संतुलित डाइट: अंडा, मछली, दूध, दही, मशरूम को डाइट में शामिल करें।
– डॉक्टरी सलाह से सप्लीमेंट्स: अगर कमी पाई जाए तो विशेषज्ञ की राय से विटामिन D सप्लीमेंट्स का सेवन करें।
Note: कोई भी बदलाव करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

