Lucknow News: SGPGI ने रोबोटिक एंडोक्राइन सर्जरी में पूरे किए 200 सफल ऑपरेशन
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) ने चिकित्सा विज्ञान की दुनिया में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। संस्थान के एंडोक्राइन सर्जरी विभाग के प्रो. डॉ. ज्ञान चंद ने रोबोटिक एंडोक्राइन सर्जरी के क्षेत्र में 200 सफल ऑपरेशनों का आंकड़ा पार कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि तकनीकी नवाचार और सटीक उपचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
18 साल पुराना जटिल केस: रोबोटिक तकनीक से मिला नया जीवन
इस गौरवशाली उपलब्धि के दौरान हाल ही में एक बेहद चुनौतीपूर्ण मामला सामने आया। हरदोई का रहने वाला 25 वर्षीय युवक पिछले 18 वर्षों से गर्दन की सूजन (मल्टीनोड्यूलर गॉइटर) से जूझ रहा था। जांच में पाया गया कि थायरॉयड ग्रंथि असामान्य रूप से बढ़ गई थी और उसका दाहिना हिस्सा छाती के अंदर (मेडियास्टिनम) तक फैला हुआ था।
डॉ. ज्ञान चंद ने BABA एप्रोच (रोबोटिक तकनीक) का इस्तेमाल कर सफलतापूर्वक ‘टोटल थायरॉयडेक्टॉमी’ की। इस जटिल सर्जरी में नसों (रिकरेंट लैरिंजियल नर्व) और पैराथायरॉयड ग्रंथियों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया।
सर्जरी के बाद शानदार रिकवरी
आमतौर पर इतने बड़े थायरॉयड (कुल वजन 149 ग्राम) के ऑपरेशन में आवाज जाने या कैल्शियम की कमी का खतरा रहता है। लेकिन रोबोटिक तकनीक की सटीकता के कारण मरीज की आवाज पूरी तरह सामान्य है। शरीर में कैल्शियम का स्तर संतुलित रहा। गर्दन पर पारंपरिक सर्जरी की तरह कोई बड़ा निशान नहीं पड़ा।
संस्थान के लिए गर्व का विषय
संस्थान के निदेशक प्रो. आर. के. धीमन ने डॉ. ज्ञान चंद और उनकी पूरी टीम को इस दोहरे शतक (200 सर्जरी) पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता सिद्ध करती है कि आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता के मेल से जटिल से जटिल बीमारियों का इलाज अब पीजीआई में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप संभव है।
विभागाध्यक्ष प्रो. गौरव अग्रवाल के मार्गदर्शन में विभाग निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। डॉ. ज्ञान चंद ने इस सफलता का श्रेय टीमवर्क और संस्थान के सहयोग को दिया है।

