Kushinagar News: महात्मा बुद्ध कृषि विश्वविद्यालय के निर्माण में आएगी तेजी, किसानों को मिलेगा मुआवजा
Sandesh Wahak Digital Desk: कुशीनगर जिले में महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य में अब और तेजी आएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों की जमीन परियोजना में आएगी, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाएगा। इस संबंध में मंगलवार को विश्वविद्यालय कार्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई, जिसमें हर पहलू पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के प्रमुख सचिव रविंद्र कुमार ने निर्माण की प्रगति की समीक्षा की और निर्माण एजेंसी को तय समय में कार्य पूरा करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि निर्माण कार्य मानक और गुणवत्ता के अनुरूप हो।
बैठक में डीएम महेंद्र सिंह तंवर, विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी एवं आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
भूमि अधिग्रहण और मुआवजे पर विशेष जोर
प्रमुख सचिव ने बताया कि विश्वविद्यालय के लिए दो किस्तों में बजट आवंटित किया जा चुका है। तीसरी किस्त निर्माण कार्यों की समीक्षा के बाद जारी की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय के बीच की भूमि जो किसानों की है, उसे अधिगृहित किया जाएगा और इसके बदले किसानों को नियमानुसार मुआवजा मिलेगा।
हालांकि, कुछ प्रभावित किसान जमीन के बदले जमीन की मांग कर रहे हैं, जिस पर भी विचार किया जा रहा है। फिलहाल, विश्वविद्यालय निर्माण के लिए चिह्नित 145 एकड़ से अधिक भूमि संस्कृति विभाग के अधीन है, जिसे शासन स्तर से विश्वविद्यालय को हस्तांतरित किया जाएगा।
पुरातत्व विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र अनिवार्य
प्रमुख सचिव ने निर्माण एजेंसी को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग से NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) शीघ्र प्राप्त करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार की कानूनी या प्रशासनिक बाधा न आए। उन्होंने विभाग की ओर से आए नोटिस पर नाराजगी जताई और चेताया कि समय रहते यह कार्य पूरा कर लिया जाए।
कृषि योजनाओं पर भी हुई चर्चा, अधिकारियों को मिली फटकार
समीक्षा बैठक के दौरान सचिव ने जिले में संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं की भी जानकारी ली। यूरिया की किल्लत, किसान क्रेडिट कार्ड, और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं के लाभार्थियों की स्थिति की समीक्षा की गई। कुछ योजनाओं में गड़बड़ियों और शिथिलता पर प्रमुख सचिव ने जिला कृषि अधिकारी को फटकार भी लगाई और निर्देश दिए कि योजनाओं को समयबद्ध तरीके से और गंभीरता से लागू किया जाए।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने आश्वस्त किया कि सचिव द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा और सभी कार्य शासन की मंशा के अनुरूप पूरे होंगे।
ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में एडीएम वैभव मिश्रा, एसडीएम आशुतोष कुमार, तहसीलदार धर्मवीर सिंह, उप कृषि निदेशक अतीन्द्र सिंह, संयुक्त निदेशक शहरी एवं आवासीय गिरीश चंद्र सिंह, जिला कृषि अधिकारी डॉ. मेनका, पर्यटन सूचना अधिकारी डॉ. प्राण रंजन, संस्कृति विभाग के तेज प्रताप शुक्ल, राजस्व निरीक्षक ब्रजेश मणि, और कार्यदाई संस्था के अधिकारी भी मौजूद रहे।
रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल।
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