सिद्धार्थनगर में किसानों का प्रदर्शन, बोले- समस्याओं का हो समाधान, वरना करेंगे तालाबंदी
Sandesh Wahak Digital Desk: अपनी मांगों को लेकर किसानों ने अब जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सिद्धार्थनगर के जिला कृषि अधिकारी कार्यालय पर किसान यूनियन ने एक बड़ी पंचायत का आयोजन किया। इसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अनिल कुमार राव ने की। इस दौरान सैकड़ों किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा।
किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो वे अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे और कृषि कार्यालय में तालाबंदी करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
क्या हैं किसानों की प्रमुख मांगें?
- जिले में यूरिया की हो रही कालाबाजारी को तुरंत रोका जाए और निजी दुकानों पर भी खाद उपलब्ध कराई जाए।
- सीमावर्ती क्षेत्रों जैसे लोटन, अलीगढ़वा और ठोठरी में नेपाल की तरफ हो रही खाद की तस्करी को रोका जाए।
- बर्डपुर के कई क्षेत्रों में नई सहकारी समितियां स्थापित की जाएं, ताकि किसानों को खाद लेने में आसानी हो।
- सरकारी गोदामों से मिले खराब बीजों से फसल का नुकसान झेलने वाले किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
- खरीफ वर्ष 2024 में बाढ़ प्रभावित किसानों को फसल बीमा कंपनियों से जल्द मुआवजा दिलाया जाए।
- सूखे जैसी स्थिति को देखते हुए पूरे जिले को सूखाग्रस्त घोषित किया जाए।
- बर्डपुर कृषि इकाई में तैनात कर्मचारी राकेश चंद्र पर किसानों से दुर्व्यवहार के आरोप हैं, उनका तत्काल तबादला किया जाए।
इस मौके पर किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनोद चौधरी और पूर्वांचल अध्यक्ष इंद्रजीत दुबे समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे। किसान नेताओं ने साफ कर दिया है कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और भी बड़ा किया जाएगा।
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