बलरामपुर आत्मदाह केस: दरोगा के खिलाफ चार्जशीट की तैयारी तेज, हाईकोर्ट ने दिखाई सख्ती
गैड़ास बुजुर्ग आत्मदाह प्रकरण में बड़ा कदम, अभियोजन स्वीकृति के बाद दरोगा पर गिरेगी गाज
Sandesh Wahak Digital Desk: बलरामपुर जिले के गैड़ास बुजुर्ग थाने के सामने दलित राम बुझारत आत्मदाह प्रकरण में आरोपी दरोगा पवन कुमार कनौजिया के खिलाफ अब पुलिस चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में जुट गई है। शासन से अभियोजन स्वीकृति मिलते ही विवेचना की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है।
यह मामला दोबारा सुर्खियों में तब आया, जब हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान शासन से चार्जशीट दाखिल करने में देरी पर नाराज़गी जताई। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि पुलिस जल्द से जल्द जांच पूरी कर दरोगा के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल करे।
शासन से मिली मुकदमा चलाने की अनुमति, हाईकोर्ट ने मांगी चार्जशीट रिपोर्ट
मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक गोंडा राधेश्याम राय कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, अब तक अधिकांश साक्ष्य एकत्रित कर लिए गए हैं और संभव है कि इस महीने के अंत तक चार्जशीट दाखिल कर दी जाए।
गौरतलब है कि यह घटना तब सुर्खियों में आई थी जब गैड़ास बुजुर्ग थाने के सामने दलित राम बुझारत ने आत्मदाह कर लिया था, जिसके बाद परिजनों ने थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक पवन कुमार कनौजिया पर गंभीर आरोप लगाए थे। मामले की जांच SIT को सौंपी गई थी, जिसने दरोगा को आरोपी बनाते हुए नामजद किया था।
14 महीने बाद तेज हुई जांच, SIT ने दरोगा को बनाया था नामजद आरोपी
करीब 14 महीने तक धीमी गति से चल रही जांच में अब तेजी आई है। शासन ने 24 अक्टूबर 2025 को मुकदमा चलाने की अनुमति पुलिस विभाग को दी थी, जिसके बाद इसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट में दाखिल की गई। कोर्ट ने सोमवार को हुई सुनवाई में सरकार के जवाब पर संतोष जताते हुए जल्द चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए।
फिलहाल आरोपी दरोगा अंतरिम जमानत पर हैं और आईजी देवीपाटन मंडल कार्यालय में तैनात हैं। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, चार्जशीट दाखिल होते ही उनके खिलाफ निलंबन और आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना भी बन सकती है।
रिपोर्ट: योगेंद्र त्रिपाठी
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