अचानक नहीं आता ब्रेन स्ट्रोक, कई हफ्ते पहले देता है चेतावनी, जानें ये लक्षण
Sandesh Wahak Digital Desk: स्ट्रोक एक गंभीर चिकित्सा आपात स्थिति है, जिसमें मस्तिष्क तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। यह स्थिति कुछ ही मिनटों में जानलेवा हो सकती है या मरीज के शरीर में स्थायी लकवा ला सकती है। यही वजह है कि स्ट्रोक (Brain Stroke) के शुरुआती संकेतों को समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है। डॉक्टरों का कहना है कि हालांकि कुछ स्ट्रोक अचानक होते हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में शरीर कई हफ्तों या महीनों पहले ये 5 संकेत देना शुरू कर देता है। जानकारों के मुताबिक, CVA या स्ट्रोक के मरीज को तुरंत मेडिकल मदद मिल जाए तो मृत्यु, लकवा और गंभीर नुकसान से बचा जा सकता है। सही समय पर पहचान और उपचार व्यक्ति की जान बचाने के साथ उसके जीवन की गुणवत्ता भी सुरक्षित कर सकता है।
1. बार-बार और असामान्य सिरदर्द: ऐसे सिरदर्द जो सामान्य दर्द से अलग, तेज और लंबे समय तक बने रहें, स्ट्रोक का संकेत हो सकते हैं। अक्सर इस दर्द के साथ चक्कर, उल्टी जैसा अहसास या नजर धुंधली होना भी शामिल होता है। ये संकेत इस वजह से आते हैं क्योंकि मस्तिष्क में रक्त प्रवाह में गड़बड़ी या अंदरूनी रक्तस्राव शुरू हो सकता है।
2. शरीर के एक हिस्से में सुन्नपन या कमजोरी: चेहरे, हाथ या पैर में अचानक कमजोरी या झनझनाहट महसूस होना, खासकर केवल शरीर के एक तरफ, स्ट्रोक का बड़ा चेतावनी संकेत है। यह लक्षण कुछ मिनटों में गायब भी हो सकता है, लेकिन इसे हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इसका मतलब है कि मस्तिष्क के उस हिस्से में रक्त संचार कम हो रहा है।
3. बोलने में परेशानी (Speech Difficulty): अचानक बोलते समय जुबान लड़खड़ाना, शब्द स्पष्ट न बोल पाना या दूसरों की बात समझने में दिक्कत होना, स्ट्रोक की शुरुआती अवस्था का संकेत हो सकता है। यदि किसी व्यक्ति को अचानक वाक्य बोलने में कठिनाई होने लगे, तो यह संकेत है कि मस्तिष्क का भाषा नियंत्रित करने वाला हिस्सा प्रभावित हो रहा है।
4. अचानक धुंधला दिखना या दृष्टि में बदलाव: स्ट्रोक से पहले कई लोगों में अचानक दृश्य समस्या जैसे धुंधला दिखना, डबल विज़न, चिंगारियां दिखना या एक आंख से कम दिखाई देना जैसे लक्षण सामने आते हैं। यह इसलिए होता है क्योंकि मस्तिष्क का वह भाग प्रभावित होता है जो देखने की क्षमता नियंत्रित करता है।
5. चक्कर आना और संतुलन बिगड़ना: चलते समय लड़खड़ाना, बैलेंस बिगड़ना या बार-बार चक्कर आने जैसे लक्षण संकेत देते हैं कि मस्तिष्क को पर्याप्त रक्त की आपूर्ति नहीं हो रही। अगर ये समस्या दिनों या हफ्तों तक बनी रहे या धीरे-धीरे बढ़ती जाए, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
समय रहते सतर्क रहना है जरूरी
दरअसल, केवल अचानक होने वाली बीमारी नहीं, बल्कि धीरे-धीरे शरीर के संकेत देने वाला खतरा है। सही समय पर लक्षण पहचानकर तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जीवन बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। यदि ऊपर बताए गए किसी भी लक्षण का अनुभव हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि स्ट्रोक में हर मिनट की कीमत जान से ज्यादा होती है।
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