Lucknow News: वक्फ संपत्तियों पर संकट, लखनऊ में 80 प्रतिशत डेटा अपलोड नहीं, परेशान लोग काट रहे दफ्तरों के चक्कर
Lucknow News: उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों का डेटा उम्मीद पोर्टल पर अपलोड करने की तय समय सीमा (5 दिसंबर) नज़दीक आने के साथ ही बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। सरकारी पोर्टल की लगातार गड़बड़ियों और धीमी रफ़्तार के कारण लखनऊ में सुन्नी और शिया, दोनों वक्फ बोर्ड की हज़ारों संपत्तियों का विवरण अभी तक ऑनलाइन दर्ज नहीं हो पाया है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है।
डेटा अपलोड की स्थिति चिंताजनक
पूरे प्रदेश में दोनों वक्फ बोर्डों के पास 1 लाख 32 हज़ार से अधिक संपत्तियां हैं। सुन्नी वक्फ बोर्ड की 1 लाख 24 हज़ार संपत्तियों में से सिर्फ़ 20% यानी 29 हज़ार ही अपलोड हो पाई हैं। वहीं शिया वक्फ बोर्ड की 8000 संपत्तियों में से 45% यानी 3700 ही पोर्टल पर दर्ज हुई हैं। यानी, अंतिम तिथि से ठीक एक दिन पहले, सुन्नी की लगभग 80% और शिया की 55% संपत्तियों का डेटा अपलोड होना बाकी है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा समय सीमा बढ़ाने से इनकार करने के बाद, वक्फ बोर्ड के दोनों दफ्तरों (मॉल एवेन्यू और जवाहर भवन) पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है, जहाँ उन्हें सिर्फ निराशा हाथ लग रही है। वाराणसी से आए परवेज अहमद ने बताया कि पोर्टल का सर्वर बिल्कुल डाउन है। कई दिनों से बोर्ड के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन काम नहीं हो रहा है।
वाराणसी से आए लोग बता रहे हैं कि उनके यहां 8 मुतवल्ली (ट्रस्टी) नियुक्त किए गए हैं, पर कोई फोन नहीं उठा रहा। जरूरी दस्तावेज़ों की जानकारी भी देने वाला कोई नहीं है। प्रयागराज के कुतुबुद्दीन ने कहा कि वे तीन दिनों से भटक रहे हैं। वेबसाइट नहीं चलती है। ऑफलाइन कोई मिलता नहीं है, पैसा खर्च करने के बाद भी काम नहीं हो रहा है।

सैकड़ों साल पुरानी संपत्ति खोने का डर
लोगों में यह भय है कि सर्वर ठप होने के कारण उनकी सैकड़ों साल पुरानी संपत्ति कहीं खो न जाए। गोंडा से आए हाफिज अहमद रज़ा ने बताया कि मदरसे की छुट्टी करके तीन बार आ चुके हैं, लेकिन काम नहीं हो रहा। उन्होंने सरकार से समय बढ़ाने की गुहार लगाई है।
शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने इस स्थिति को वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के खिलाफ चल रहा बड़ा खेल बताया है। शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अली जैदी ने बताया कि पिछले पाँच दिनों से वेबसाइट 80% ठप पड़ी है, इसलिए दिन में रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाता, सिर्फ़ रात में थोड़ी उम्मीद रहती है। उन्होंने कहा कि अगर उम्मीद पोर्टल स्लो होने के कारण संपत्तियां रजिस्टर्ड नहीं हो पाती हैं, तो वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील दायर करके दर्ज करवाने का मौका मिलेगा। हालांकि, जानबूझकर रजिस्ट्रेशन न कराने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Also Read: संसद में गूंजा प्रदूषण का मुद्दा, सोनिया-प्रियंका ने कहा- अब बस ठोस कार्रवाई चाहिए

