फिट दिखने वालों को भी निगल रही साइलेंट बीमारी, बढ़ रहा Heart Attack का ख़तरा
Sandesh Wahak Digital Desk: देश-दुनिया में हार्ट अटैक (Heart Attack) के मामलों में अचानक आई बढ़ोतरी ने डॉक्टरों और एक्सपर्ट्स को चिंता में डाल दिया है। हैरानी की बात यह है कि यह बीमारी अब उन लोगों को भी अपनी गिरफ्त में ले रही है जो देखने में पूरी तरह फिट लगते हैं। शरीर कई बार ऐसे संकेत देता है जो मामूली लगते हैं, लेकिन अंदर ही अंदर दिल की सेहत बिगड़ चुकी होती है। दिल्ली के जाने-माने कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आलोक चोपड़ा ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में चेताया है कि कई बार बिना किसी दर्द के भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ रहा होता है और शरीर कुछ गंभीर संकेत पहले ही देने लगता है।
पैरों और एड़ियों में दिखती है सूजन: जब दिल शरीर में खून को ठीक से पंप नहीं कर पाता, तब फ्लूइड जमा होना शुरू हो जाता है और इसका असर सबसे पहले पैरों और टखनों पर दिखता है। धीरे-धीरे एड़ियों में सूजन बढ़ने लगती है। यह दिखने में सामान्य लगता है, लेकिन यह कमज़ोर हार्ट का शुरुआती संकेत हो सकता है।
नींद का टूटना और स्लीप एपनिया का खतरा: रात में बार-बार सांस रुकना और फिर अचानक शुरू होना ‘स्लीप एपनिया’ का संकेत है। ऑक्सीजन की कमी के कारण दिमाग और दिल दोनों पर दबाव बढ़ता है। नींद पूरी न होने से शरीर पर स्ट्रेस बढ़ता है, जिससे हृदय रोगों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। डॉक्टरों के अनुसार, दिल को स्वस्थ रखने के लिए 7 से 9 घंटे की uninterrupted नींद बेहद ज़रूरी है।

अनियंत्रित दिल की धड़कन से बढ़ती परेशानियां: दिल की धड़कन का तेज, धीमी या अनियमित हो जाना सीधे-सीधे दिल की कमजोरी की ओर इशारा करता है। अक्सर यह हार्ट फेलियर या पुराने हार्ट अटैक से हुए नुकसान के कारण होता है। धड़कन अनियमित होने पर चक्कर आना, घबराहट, थकान और सांस फूलना जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं। यह स्थिति हल्की नहीं, बल्कि ध्यान देने लायक है।
हर समय थकान महसूस होना और काम में ऊर्जा की कमी: कमज़ोर दिल शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं पहुंचा पाता। इसके चलते व्यक्ति बिना किसी भारी काम के भी अत्यधिक थकान महसूस करने लगता है। धीरे-धीरे यह थकान रोजमर्रा की गतिविधियों को भी प्रभावित करने लगती है। डॉक्टरों का कहना है कि लगातार थकान दिल के कमजोर होने की बड़ी चेतावनी है।
बार-बार सांस फूलना और चलने में दिक्कत: थोड़ा-सा भी चलने या काम करने पर सांस फूलना, तेज-तेज सांस लेना या छाती में घुटन महसूस होना भी हार्ट की खराबी का लक्षण हो सकता है। यह स्थिति तब पैदा होती है जब दिल फेफड़ों तक पर्याप्त खून नहीं पहुंचा पाता। डॉक्टर सलाह देते हैं कि ऐसी स्थिति को नज़रअंदाज़ न करें और तुरंत जांच करवाएं।
Also Read: इंडिगो एयरलाइन की बड़ी घोषणा, यात्रियों को मिलेगा 10 हजार का मुआवजा

