भारत और ओमान के बीच दोस्ती और व्यापार का नया अध्याय, FTA से खुलेंगे तरक्की के द्वार
Sandesh Wahak Digital Desk: भारत और ओमान के बीच होने जा रहा मुक्त व्यापार समझौता (FTA) न केवल दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाएगा, बल्कि मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) के बाजार में भारत की पकड़ को और भी मजबूत करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी ओमान दौरे को लेकर वहां के व्यापारियों और सरकार में खासा उत्साह है, क्योंकि माना जा रहा है कि इस दौरे पर एफटीए की ऐतिहासिक डील पर अंतिम मुहर लग सकती है।
ओमान के लिए यह पिछले 20 सालों में किसी देश के साथ किया जाने वाला महज दूसरा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट होगा। भारत के लिए इसके कई बड़े फायदे हैं।
ऊर्जा सुरक्षा: भारत की एनर्जी जरूरतों को पूरा करने में ओमान एक अहम साझीदार बनेगा।
निवेश में उछाल: 2020 से अब तक ओमान में भारतीय निवेश 3 गुना बढ़कर 5 अरब डॉलर हो गया है। ग्रीन स्टील और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में भारतीय कंपनियां वहां अपना आधार मजबूत कर रही हैं।
बाजार तक पहुंच: ओमान को खाड़ी देशों (GCC), मध्य एशिया और अफ्रीका के ‘गेटवे’ के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे भारतीय सामान आसानी से इन बाजारों तक पहुंचेगा।
किन सेक्टर्स की चमकेगी किस्मत
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के मुताबिक, इस समझौते से भारत के कई उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा।
टेक्सटाइल और ज्वेलरी
ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स
फूड प्रोसेसिंग और कृषि रसायन (Agrochemicals)
रिन्यूएबल एनर्जी
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