सर्दियों में Pregnant महिलाओं को कितना पीना चाहिए पानी?
Sandesh Wahak Digital Desk: सर्दियों के मौसम में प्यास कम लगती है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पानी कम पीना चाहिए। खासतौर पर गर्भवती (Pregnant) महिलाओं के लिए सर्दियों में पर्याप्त पानी पीना बेहद जरूरी होता है। अगर शरीर में पानी की कमी हो जाती है तो इसका सीधा असर महिला और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों पर पड़ता है। कई मामलों में यह डिलीवरी में समस्या और समय से पहले बच्चे के जन्म का कारण भी बन सकता है।
क्यों बढ़ जाती हैं जटिलताएं
दिल्ली के आरएमएल हॉस्पिटल में महिला रोग विभाग की डॉक्टर सलोनी चड्ढा के अनुसार गर्भवती (Pregnant) महिलाओं को सर्दियों में भी रोजाना आठ से दस गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। अगर इससे कम पानी पिया जाए तो यूरिन इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है और शरीर में सूजन आने लगती है। इसके साथ ही एम्नियोटिक फ्लूइड की मात्रा कम हो जाती है। जब एम्नियोटिक फ्लूइड कम होता है तो सिजेरियन डिलीवरी का खतरा बढ़ जाता है।
डॉ सलोनी बताती हैं कि कम पानी पीने से शरीर में एम्नियोटिक फ्लूइड की मात्रा घटने लगती है। अगर इसकी मात्रा गर्भावस्था (Pregnant) की शुरुआती अवस्था में ही कम हो जाए तो बच्चे के हाथ पैर और चेहरे पर दबाव पड़ सकता है। इससे एम्नियोटिक बैंड सिंड्रोम जैसी गंभीर समस्या भी हो सकती है। इसलिए सर्दियों में भी नियमित रूप से पानी पीते रहना बहुत जरूरी है।
Pregnant महिलाओं को कितना पीना चाहिए पानी?
गर्भवती (Pregnant) महिलाओं को दिनभर में कम से कम ढाई से तीन लीटर पानी पीने का नियम बना लेना चाहिए। पानी पीने के समय का हिसाब रखना जरूरी होता है ताकि शरीर में पानी की कमी न होने पाए। नारियल पानी और सूप जैसी चीजों से भी शरीर में पानी की मात्रा पूरी की जा सकती है लेकिन चाय और कॉफी से दूरी बनाए रखना जरूरी होता है क्योंकि ये शरीर में डिहाइड्रेशन बढ़ा सकती हैं।
सुबह उठते ही एक गिलास पानी पीना शरीर को दिन की शुरुआत में हाइड्रेट रखने में मदद करता है। सामान्य तापमान का पानी पीना बेहतर माना जाता है। एक साथ ज्यादा पानी पीने की बजाय थोड़ी थोड़ी मात्रा में और दो घंटे के अंतराल पर पानी पीना शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है।
शरीर में पानी की कमी के संकेत
जब शरीर में पानी की कमी होने लगती है तो इसके कई संकेत सामने आते हैं। पेशाब का रंग पीला हो जाना होंठों का सूखना ज्यादा थकान महसूस होना और लगातार सिरदर्द बने रहना डिहाइड्रेशन के मुख्य संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण नजर आते ही पानी की मात्रा बढ़ाना और डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है।
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