कैल्शियम की पूर्ति के लिए काफी नहीं है Milk!

Sandesh Wahak Digital Desk: बचपन से ही हमें दूध (Milk) पीने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इसे शरीर के विकास और मजबूती से जोड़ा जाता है। बदलती लाइफस्टाइल और खानपान की आदतों के बीच आज भी दूध (Milk) को पोषण का आसान स्रोत माना जाता है। खासतौर पर हड्डियों और दांतों की सेहत की बात आते ही दूध का नाम सबसे पहले लिया जाता है। वहीं आजकल कैल्शियम की कमी से जुड़ी समस्याएं तेजी से सामने आ रही हैं, जिससे लोग अपनी डाइट को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क हो गए हैं। ऐसे में यह सवाल और भी अहम हो जाता है कि क्या रोज़ाना दूध पीना ही कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए काफी है या नहीं।

क्या सच Milk में होता है कैल्शियम?

कई लोग मानते हैं कि दूध (Milk) से कैल्शियम की जरूरत पूरी हो जाती है, जबकि कुछ लोग इसे लेकर असमंजस में रहते हैं। यही कारण है कि दूध और कैल्शियम को लेकर सही जानकारी होना बेहद जरूरी हो जाता है। यह समझना आवश्यक है कि दूध शरीर को कितना कैल्शियम देता है और क्या यह हर किसी के लिए पर्याप्त है।

लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल में डॉ एल एच घोटेकर बताते हैं कि एक गिलास दूध (Milk) पीने से शरीर को अच्छी मात्रा में कैल्शियम मिलता है, जिसे शरीर आसानी से एब्जॉर्ब कर लेता है। दूध में मौजूद विटामिन डी कैल्शियम को शरीर में बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है। इसी वजह से हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिए दूध को फायदेमंद माना जाता है।

हालांकि हर व्यक्ति की कैल्शियम की जरूरत एक जैसी नहीं होती। यह उम्र, लिंग, लाइफस्टाइल और सेहत पर निर्भर करती है। अगर शरीर में कैल्शियम की कमी ज्यादा है, तो केवल दूध (Milk) पीना काफी नहीं होता।

संतुलित डाइट क्यों है जरूरी

ऐसे मामलों में दूध (Milk) के साथ दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां, तिल और बादाम जैसी चीजों को डाइट में शामिल करना जरूरी होता है। इससे शरीर को अलग अलग स्रोतों से कैल्शियम मिलता है। कुल मिलाकर दूध कैल्शियम की कमी को पूरा करने में मदद करता है, लेकिन संतुलित डाइट के बिना पूरी कमी को दूर करना मुश्किल हो सकता है।

एक दिन में कितना Milk पीना सही?

आमतौर पर एक स्वस्थ एडल्ट के लिए रोज़ दो गिलास यानी चार सौ से पांच सौ मिलीलीटर दूध पर्याप्त माना जाता है। इससे रोज़ की कैल्शियम जरूरत का बड़ा हिस्सा पूरा हो सकता है। बच्चों, टीनेजर और प्रेगनेंट महिलाओं को अपनी जरूरत के अनुसार मात्रा बढ़ानी पड़ सकती है।

वहीं जिन लोगों को लैक्टोज से परेशानी होती है, उन्हें डॉक्टर की सलाह से दूध (Milk) की मात्रा तय करनी चाहिए। ध्यान रखने वाली बात यह है कि जरूरत से ज्यादा दूध पीना भी फायदेमंद नहीं होता, इसलिए संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

कैल्शियम के लिए क्या जरूरी?

दरअसल दूध (Milk) के साथ शरीर में विटामिन डी का स्तर सही होना चाहिए। इसके लिए रोज़ाना कुछ समय धूप में बिताना फायदेमंद माना जाता है। केवल दूध पर निर्भर रहने के बजाय कैल्शियम से भरपूर डाइट लेना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेना भी सही रहता है। साथ ही प्रोसेस्ड फूड और सोडा का सेवन कम करना चाहिए, क्योंकि ये कैल्शियम के अवशोषण में बाधा बन सकते हैं।

 

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