Vitamin B12 की कमी में दवा या इंजेक्शन, क्या है बेहतर विकल्प?
Sandesh Wahak Digital Desk: शरीर में विटामिन B12 (Vitamin B12) की कमी होना एक आम समस्या बनती जा रही है। खानपान की कमी के कारण यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। विटामिन B12 (Vitamin B12) की कमी के कारण एनीमिया, थकान और एकाग्रता में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि विटामिन B12 रेड ब्लड सेल्स के बनने के लिए आवश्यक होता है, जो ऑक्सीजन को शरीर की मांसपेशियों और अंगों तक पहुंचाती हैं, जिनमें ब्रेन भी शामिल है। विटामिन B12 की कमी होने पर लोग अक्सर दवाएं या इंजेक्शन लेते हैं, लेकिन यह जानना जरूरी है कि किसे दवा लेनी चाहिए और किसे इंजेक्शन की जरूरत होती है।
दवा और इंजेक्शन में कितना होता फर्क?
दरअसल आमतौर पर B12 कैप्सूल या टैबलेट में 50 से 5,000 माइक्रोग्राम तक की खुराक होती है, जबकि B12 इंजेक्शन में आमतौर पर 1,000 माइक्रोग्राम होता है। 2008 में किए गए शोध के अनुसार शरीर विटामिन B12 (Vitamin B12) की 1,000 माइक्रोग्राम दवा में से केवल 1.3 प्रतिशत ही एब्जॉर्ब कर पाता है। वहीं इतनी ही मात्रा के विटामिन B12 इंजेक्शन की एब्जॉर्ब दर 55 प्रतिशत से 97 प्रतिशत के बीच पाई गई है।
इंजेक्शन क्यों होता है ज्यादा प्रभावी
दरअसल विटामिन B12 (Vitamin B12) इंजेक्शन शरीर द्वारा बेहतर तरीके से एब्जॉर्ब होते हैं क्योंकि इन्हें मांसपेशियों में इंट्रामस्कुलर तरीके से दिया जाता है। वहीं विटामिन B12 की गोलियों को पाचन तंत्र से गुजरना पड़ता है, जिसके कारण उनकी एब्जॉर्ब दर काफी कम हो जाती है।
चूंकि विटामिन B12 की गोलियां इंजेक्शन की तरह शरीर में एब्जॉर्ब नहीं होती हैं, इसलिए इन्हें रोज लेना जरूरी होता है। दवाओं की खुराक अक्सर ज्यादा होती है क्योंकि इसका बड़ा हिस्सा पाचन तंत्र से होकर शरीर से बाहर निकल जाता है। इसके कारण इसका असर धीरे धीरे दिखाई देता है और लक्षणों में सुधार होने में समय लग सकता है। कई मामलों में दवाएं 3 से 6 महीने तक लेनी पड़ती हैं, जबकि इंजेक्शन से विटामिन B12 का स्तर तेजी से बढ़ सकता है।
कमी के स्तर पर निर्भर करता है इलाज
दरअसल शरीर में विटामिन B12 (Vitamin B12) की कमी कितनी है, यह तय करता है कि दवा लेनी चाहिए या इंजेक्शन। अगर विटामिन B12 का स्तर 150 pg/mL से कम है तो इंजेक्शन लेना बेहतर माना जा सकता है। वहीं अगर स्तर 200 से 300 pg/mL के बीच है तो डॉक्टर की सलाह पर दवाएं शुरू की जा सकती हैं।
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