भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को अमेरिका में 24 साल की जेल, सुपारी देकर पन्नू मर्डर की रची थी साजिश
Sandesh Wahak Digital Desk: प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के सरगना गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने के मामले में बड़ा फैसला आया है। न्यूयॉर्क की एक अदालत ने भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को 24 साल के कारावास की सजा सुनाई है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान निखिल ने खुद पर लगे सभी गंभीर आरोपों को स्वीकार कर लिया।
अदालत में कबूल किए तीन बड़े अपराध
अमेरिकी जांच एजेंसी FBI और अटॉर्नी ऑफिस के मुताबिक, निखिल गुप्ता (उर्फ निक) ने कोर्ट में सेकंड सुपरसिडिंग इंडिक्टमेंट के तहत तीन मुख्य आरोपों को स्वीकार किया है।
मर्डर-फॉर-हायर: यानी पैसे देकर हत्या की कोशिश करना।
साजिश रचना: हत्या को अंजाम देने के लिए पूरा जाल बुनना।
मनी लॉन्ड्रिंग: पैसों के अवैध लेन-देन की साजिश करना।
चेक रिपब्लिक से अमेरिका तक का सफर
निखिल गुप्ता को 30 जून 2023 को चेक रिपब्लिक से पकड़ा गया था। करीब एक साल तक वहां की जेल में रहने के बाद उसे जून 2024 में अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया। शुरुआत में खुद को निर्दोष बताने वाले निखिल ने आखिरकार अमेरिकी सबूतों के आगे घुटने टेक दिए और अपना गुनाह कबूल लिया।
FBI ने इस मामले में पूर्व रॉ (RAW) अधिकारी विकास यादव की फोटो जारी कर उन्हें ‘वांटेड’ घोषित किया है। हालांकि, भारत सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि जिस व्यक्ति का नाम अमेरिकी चार्जशीट में है, वह अब सरकारी सेवा में नहीं है। भारत ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए एक कमेटी भी गठित की है।

