लखनऊ: ऑटो से रेकी कर बंद घरों को साफ करने वाला गिरोह दबोचा, जेवर और 10 मोबाइल बरामद
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ की मड़ियांव पुलिस ने क्षेत्र में हो रही चोरी की वारदातों पर लगाम कसते हुए एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी ऑटो चालक है, जो सवारी ढोने के बहाने बंद मकानों की रेकी करता था और फिर अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी को अंजाम देता था। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में आभूषण और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

ऑटो बना चोरी का हथियार
मड़ियांव पुलिस को सूचना मिली थी कि बालाजी एन्क्लेव की तरफ कुछ संदिग्ध लोग ऑटो (UP32XN9829) के साथ देखे गए हैं। घेराबंदी कर जब पुलिस ने इन्हें पकड़ा, तो पूरी सच्चाई सामने आ गई। गिरोह का मुख्य सदस्य सोनू मौर्या (21 वर्ष), जो मूल रूप से सीतापुर का रहने वाला है, ऑटो चलाता था। सोनू अपने दो किशोर साथियों के साथ मिलकर दिन में बंद मकानों की पहचान करता था और रात में ताला या खिड़की तोड़कर हाथ साफ कर देता था।
लाखों के जेवर और आईफोन बरामद
पुलिस ने इस गिरोह के पास से करीब 4 लाख रुपये की कीमत के आभूषण बरामद किए हैं। बरामदगी की सूची लंबी है।
सोना-चांदी: लगभग 20 ग्राम सोने के जेवर (चेन, अंगूठी, मंगलसूत्र) और 300 ग्राम चांदी के आभूषण।
गैजेट्स: चोरी के 10 मोबाइल फोन, जिनमें आईफोन, ओप्पो, रियलमी और सैमसंग जैसे ब्रांड शामिल हैं।
नगदी: 18,240 रुपये नगद और चोरी में इस्तेमाल होने वाला ऑटो रिक्शा।
शौक पूरा करने के लिए बने चोर
पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि वे चोरी का सामान स्थानीय सर्राफा बाजार में बेच देते थे। उससे मिलने वाले पैसों को वे आपस में बांट लेते थे और अपने महंगे शौक व व्यक्तिगत खर्चों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल करते थे। इस गिरफ्तारी से मड़ियांव थाने में दर्ज चोरी के दो प्रमुख मुकदमों (मु0अ0सं0 59/26 और 77/26) का सफल खुलासा हुआ है।
थाना प्रभारी मड़ियांव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सोनू मौर्या को जेल भेज दिया है, वहीं दो बाल अपचारियों (किशोरों) को नियमानुसार संरक्षण में लेकर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। पुलिस अब इनके अन्य साथियों और चोरी का माल खरीदने वाले सुनारों की तलाश में जुटी है।
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