राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कर्नाटक-त्रिपुरा के पत्रकारों से साझा किए अनुभव, केजी टू पीजी शिक्षा और महिला स्वास्थ्य पर दिया जोर

Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शुक्रवार को जन भवन (राजभवन) में प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) के नेतृत्व में आए पत्रकारों के दल से शिष्टाचार भेंट की। संवाद के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश अब शिक्षा और स्वास्थ्य के मानकों पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी नई पहचान बना रहा है।

राज्यपाल ने बच्चों की शुरुआती शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि 3 वर्ष की आयु में आंगनवाड़ी और 6 वर्ष की आयु में कक्षा-1 में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने बताया कि कैसे गुजरात में घर-घर जाकर सर्वे किया जाता था और साक्षरता बढ़ाने के लिए नर्मदा बॉन्ड जैसे प्रोत्साहन दिए जाते थे। राजभवन के मार्गदर्शन में यूपी के 18 राज्य विश्वविद्यालयों ने नैक (NAAC) मूल्यांकन में ‘A’ या उससे ऊपर की श्रेणी प्राप्त की है। इनमें से 9 विश्वविद्यालयों को सर्वोच्च ‘A++’ रेटिंग मिली है।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्यपाल ने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। प्रदेश में अब तक 50 हजार बालिकाओं का सर्वाइकल कैंसर (HPV) रोधी टीकाकरण किया जा चुका है। सीरम इंस्टीट्यूट के सहयोग से आदिवासी बेटियों के लिए 3 लाख मुफ्त डोज उपलब्ध कराई जा रही हैं। यूपी में लगभग 4 लाख टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके इलाज और पोषण का ध्यान रखा जा रहा है।

राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को केवल डिग्री देने तक सीमित न रहकर सामाजिक सरोकारों से जुड़ने की प्रेरणा दी है। प्रत्येक विश्वविद्यालय ने 5-5 गांव गोद लिए हैं। वहां स्वच्छता, वृक्षारोपण और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता फैलाई जा रही है। दीक्षांत समारोहों में अब केवल बड़े नाम नहीं, बल्कि धरातल पर काम करने वाले कारीगरों और हस्तशिल्पियों को भी मानद उपाधि देने की परंपरा शुरू की गई है।

जब पत्रकारों ने उत्तर और दक्षिण भारत की शिक्षा के अंतर पर सवाल पूछा, तो राज्यपाल ने कहा कि पहले उत्तर भारत में जागरूकता कम थी, लेकिन अब बड़ा बदलाव आया है। इसका प्रमाण यह है कि दीक्षांत समारोहों में करीब 80 प्रतिशत पदक बेटियां जीत रही हैं।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कर्नाटक-त्रिपुरा के पत्रकारों से साझा किए अनुभव, केजी टू पीजी शिक्षा और महिला स्वास्थ्य पर दिया जोर

अन्य प्रमुख बिंदु

पारदर्शिता: विश्वविद्यालयों में कुलपतियों और शिक्षकों की नियुक्तियां पूरी तरह निष्पक्ष और योग्यता आधारित की जा रही हैं।

महिला सशक्तिकरण: राज्यपाल ने कहा कि नारी जब अपनी शक्ति पहचान लेती है, तो वह ‘नारायणी’ बन जाती है। आगामी महिला दिवस पर राजभवन में उत्कृष्ट महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा।

स्थानीय उत्पाद: उन्होंने सुझाव दिया कि यूपी के उत्पादों को ‘भारत मंडपम’ और अन्य राज्यों में प्रदर्शित किया जाना चाहिए ताकि उन्हें वैश्विक बाजार मिल सके।

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