चलते समय सांस फूलना हो सकता है Heart की बीमारी का संकेत
Sandesh Wahak Digital Desk: अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि चलते समय सांस फूलना फेफड़ों से जुड़ी किसी समस्या की वजह से होता है। लेकिन कई मामलों में यह समस्या हार्ट (Heart) से जुड़ी बीमारी का संकेत भी हो सकती है। खासतौर पर अगर यह परेशानी धीरे-धीरे बढ़ रही हो तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते जांच करवाना जरूरी होता है, क्योंकि इस मामले में लापरवाही करना सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
Heart की कमजोरी का है संकेत
जानकार मानते हैं कि, अगर चलते समय ही सांस फूलने लगे तो यह हार्ट (Heart) के कमजोर होने की निशानी हो सकती है। दरअसल जब दिल शरीर में सही तरीके से खून पंप नहीं कर पाता तो शरीर के अलग-अलग अंगों तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को हल्का सा काम करने पर भी सांस फूलने लगती है। कई मामलों में यह समस्या हार्ट फेलियर या कोरोनरी आर्टरी डिजीज का लक्षण भी हो सकती है।
क्यों फूलती है सांस?
हार्ट (Heart) की बीमारी में दिल की पंपिंग क्षमता कमजोर हो जाती है। जब कोई व्यक्ति चलता है तो शरीर को सामान्य स्थिति की तुलना में ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत होती है। अगर दिल इस जरूरत को पूरा नहीं कर पाता तो सांस तेजी से चलने लगती है और व्यक्ति को सांस फूलने लगती है। कई बार लोग इसे सामान्य मान लेते हैं या इसे सांस से जुड़ी कोई साधारण परेशानी समझते हैं, जबकि वास्तव में यह हार्ट के कमजोर होने का बड़ा संकेत हो सकता है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
दरअसल सांस फूलने के साथ-साथ कुछ और लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं जो हार्ट (Heart) से जुड़ी समस्या की ओर इशारा करते हैं। इनमें सीने में दर्द होना, छाती में दबाव महसूस होना, टखनों में सूजन आना और दिल की धड़कन का अचानक तेज हो जाना शामिल है। अगर ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
कब जरूरी है जांच?
दरअसल रनिंग या किसी भारी फिजिकल एक्टिविटी के दौरान सांस फूलना सामान्य माना जाता है। लेकिन अगर रोजमर्रा की सामान्य गतिविधियों जैसे पैदल चलने के दौरान भी सांस फूलने लगे तो यह हार्ट (Heart) से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में ईसीजी, इकोकार्डियोग्राफी और ब्लड टेस्ट जैसी जांच कराकर बीमारी की सही स्थिति का पता लगाया जा सकता है।
कैसे रखें ध्यान?
दिल (Heart) को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करना जरूरी है। इसके साथ ही खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए और स्मोकिंग तथा शराब के सेवन से बचना चाहिए। वजन को नियंत्रण में रखना भी हार्ट की सेहत के लिए बेहद जरूरी माना जाता है। सही जीवनशैली अपनाकर दिल से जुड़ी कई बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है।
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